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उच्च शिक्षा निदेशालय की टीम कॉलेज पहुंची, दर्ज किया बयान
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उच्च शिक्षा निदेशालय की टीम कॉलेज पहुंची, दर्ज किया बयान
देवरिया। छात्राओं से छेड़खानी के मामले की जांच करने उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से गठित टीम जिले में पहुंच गई। मंगलवार को कॉलेज सभागार में करीब छह घंटे तक रही तीन सदस्यीय टीम ने छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों से अलग-अलग चार चरणों में बातचीत की और उनका फीडबैक लिया। टीम ने छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों को निर्धारित प्रश्न पर अपनी राय भी लिखने को कहा। क्रम से सभी ने अपने जवाब भी दिए।
बीते छह मई को जनपद के एक महिला कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें मुंह ढंकी एक युवती उनके आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में बाहर निकलकर उनकी कार में बैठती दिखी थी। कुछ छात्राओं व शिक्षकों ने मामले की शिकायत सदर विधायक से की। विधायक ने उच्च शिक्षा निदेशक को मामले की जांच कराने को कहा। निदेशक स्तर से जांच टीम गठित कर प्रभारी प्राचार्य को हटा दिया गया। उधर, कॉलेज की एक वरिष्ठ शिक्षिका की तहरीर पर सात मई को आरोपी प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। आठ मई को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से गठित टीम में शामिल माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय संतकबीरनगर के प्राचार्य डॉ. डीपी शाही, राजकीय महाविद्यालय सहजनवां गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. कुमुद त्रिपाठी और राजकीय महिला पीजी कॉलेज रायबरेली की प्राचार्य डॉ. सुषमा देवी की तीन सदस्यीय समिति ने पहले छात्राओं, फिर शिक्षकों और अंत में कर्मचारियों को बुलाकर अपनी ओर से तैयार किए गए प्रश्नों के आधार पर जानकारी ली और कागज पर कुछ प्रश्नों का जवाब भी लिखने को कहा।
प्राचार्य की करतूतों के बारे में कम, अन्य मसलों पर पूछताछ ज्यादा
सूत्रों का कहना है कि बीते सितंबर में वित्तीय मामले एवं होली पर्व के दौरान आरोपी प्राचार्य के कुछ छात्राओं के साथ होली खेलने की शिकायत के बारे में पूछताछ की गई। शिक्षकों से भी कॉलेज के माहौल के बारे में ज्यादा सवाल पूछे गए। छात्राओं से छेड़खानी के ताजा मामले की शिकायत की जांच के संबंध में समिति के जिम्मेदार अधिकतर समय मौन ही रहे। यह बात कई लोगों को खटकी भी। सदस्यों से कुछ पूछने पर उन्होंने इस संबंध में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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उच्च शिक्षा निदेशालय से आई तीन सदस्यीय जांच समिति ने सभी पक्षों से मंगलवार को क्रम से बातचीत करने के बाद कॉलेज के माहौल, प्रदर्शन के बारे में फीडबैक लिया। जो भी बातें थी, उनके सामने तथ्यों के साथ रख दी गई हैं। -राखी भारती, प्रभारी प्राचार्य
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देवरिया। छात्राओं से छेड़खानी के मामले की जांच करने उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से गठित टीम जिले में पहुंच गई। मंगलवार को कॉलेज सभागार में करीब छह घंटे तक रही तीन सदस्यीय टीम ने छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों से अलग-अलग चार चरणों में बातचीत की और उनका फीडबैक लिया। टीम ने छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों को निर्धारित प्रश्न पर अपनी राय भी लिखने को कहा। क्रम से सभी ने अपने जवाब भी दिए।
बीते छह मई को जनपद के एक महिला कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें मुंह ढंकी एक युवती उनके आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में बाहर निकलकर उनकी कार में बैठती दिखी थी। कुछ छात्राओं व शिक्षकों ने मामले की शिकायत सदर विधायक से की। विधायक ने उच्च शिक्षा निदेशक को मामले की जांच कराने को कहा। निदेशक स्तर से जांच टीम गठित कर प्रभारी प्राचार्य को हटा दिया गया। उधर, कॉलेज की एक वरिष्ठ शिक्षिका की तहरीर पर सात मई को आरोपी प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। आठ मई को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से गठित टीम में शामिल माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय संतकबीरनगर के प्राचार्य डॉ. डीपी शाही, राजकीय महाविद्यालय सहजनवां गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. कुमुद त्रिपाठी और राजकीय महिला पीजी कॉलेज रायबरेली की प्राचार्य डॉ. सुषमा देवी की तीन सदस्यीय समिति ने पहले छात्राओं, फिर शिक्षकों और अंत में कर्मचारियों को बुलाकर अपनी ओर से तैयार किए गए प्रश्नों के आधार पर जानकारी ली और कागज पर कुछ प्रश्नों का जवाब भी लिखने को कहा।
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प्राचार्य की करतूतों के बारे में कम, अन्य मसलों पर पूछताछ ज्यादा
सूत्रों का कहना है कि बीते सितंबर में वित्तीय मामले एवं होली पर्व के दौरान आरोपी प्राचार्य के कुछ छात्राओं के साथ होली खेलने की शिकायत के बारे में पूछताछ की गई। शिक्षकों से भी कॉलेज के माहौल के बारे में ज्यादा सवाल पूछे गए। छात्राओं से छेड़खानी के ताजा मामले की शिकायत की जांच के संबंध में समिति के जिम्मेदार अधिकतर समय मौन ही रहे। यह बात कई लोगों को खटकी भी। सदस्यों से कुछ पूछने पर उन्होंने इस संबंध में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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उच्च शिक्षा निदेशालय से आई तीन सदस्यीय जांच समिति ने सभी पक्षों से मंगलवार को क्रम से बातचीत करने के बाद कॉलेज के माहौल, प्रदर्शन के बारे में फीडबैक लिया। जो भी बातें थी, उनके सामने तथ्यों के साथ रख दी गई हैं। -राखी भारती, प्रभारी प्राचार्य