{"_id":"5f5a62cb8ebc3e54ca5eb656","slug":"teacher-suspend-in-kasturba-gandhi-school-deoria-news-gkp3650609116","type":"story","status":"publish","title_hn":"गले की फांस बनी कस्तूरबा विद्यालयों के के बर्खास्त शिक्षकों पर कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गले की फांस बनी कस्तूरबा विद्यालयों के के बर्खास्त शिक्षकों पर कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गले की फांस बनी कस्तूरबा विद्यालयों के बर्खास्त शिक्षकों पर कार्रवाई
देवरिया। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कार्यरत 14 शिक्षकों की बर्खास्तगी एवं उन पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई अब बेसिक कार्यालय की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। दो शिक्षिकाओं को इस निर्णय के विरोध में स्टे आर्डर मिलने के बाद अन्य शिक्षकों ने भी हाईकोर्ट में अपनी अपील दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। बर्खास्त किए गए शिक्षकों का सीधा आरोप है कि बर्खास्तगी के पूर्व उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया और सीधे कार्रवाई कर दी गई। इन शिक्षकों को भी उम्मीद है कि न्यायालय से उन्हें राहत मिलेगी।
जिले के 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सत्यापन जून माह में राज्य परियोजना कार्यालय, लखनऊ और बाद में विभागीय स्तर पर जिले में कराया गया। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान 14 शिक्षक, जिसमें कई वार्डेन भी शामिल थीं। ये लोग शैक्षिक अभिलेखों में हेरफेर कर नौकरी हासिल किए थे। 15 जुलाई को सभी को बर्खास्त कर दिया गया। इसके पहले जून में लार की वार्डेन को एक शिकायत के आधार पर हुई जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। 22 जुलाई को इन सभी के खिलाफ कोतवाली पुलिस में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने तहरीर दी थी। इसके बाद इन सभी पर मुकदमा भी दर्ज हो गया।
उधर, निर्णय के विरोध में कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी। न्यायालय ने गौरीबाजार की एक पूर्णकालिक शिक्षिका की बर्खास्तगी पर बड़ी राहत देते हुए नौकरी पर बहाल और मानदेय भुगतान करने और रामपुर कारखाना की पूर्व वार्डेन की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए स्टे आर्डर दे दिया। साथ ही इस मामले में छह सप्ताह के अंदर एफिडेविट दाखिल करने को कहा है। दोनों शिक्षिकाओं ने बेसिक कार्यालय में स्टे आर्डर को उपलब्ध भी करा दिया गया है।
विज्ञापन
दो को राहत मिलने के बाद अन्य शिक्षकों में भी जगी उम्मीद
दो शिक्षिकाओं को राहत मिलने के बाद अब बर्खास्त अन्य शिक्षकों ने भी न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इन्हें भी पूरी उम्मीद है कि फैसला उनके पक्ष में ही आएगा। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि एक शिक्षिका का स्टे आर्डर विभाग को मिला है। अन्य शिक्षकों के न्यायालय जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। उनके निर्देश पर अब हाईकोर्ट में विभाग की ओर से काउंटर दाखिल किया जाएगा।
संदिग्ध 11 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का चल रहा सत्यापन
कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात 11 और संदिग्ध शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच विभाग की ओर से कराया जा रहा है। हालांकि अभी इनके संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा टीएन पांडेय ने बताया कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन अभी हो रहा है। राज्य परियोजना कार्यालय से इनके संबंध में जो भी निर्णय आएगा, उसका पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
देवरिया। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कार्यरत 14 शिक्षकों की बर्खास्तगी एवं उन पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई अब बेसिक कार्यालय की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। दो शिक्षिकाओं को इस निर्णय के विरोध में स्टे आर्डर मिलने के बाद अन्य शिक्षकों ने भी हाईकोर्ट में अपनी अपील दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। बर्खास्त किए गए शिक्षकों का सीधा आरोप है कि बर्खास्तगी के पूर्व उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया और सीधे कार्रवाई कर दी गई। इन शिक्षकों को भी उम्मीद है कि न्यायालय से उन्हें राहत मिलेगी।
जिले के 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सत्यापन जून माह में राज्य परियोजना कार्यालय, लखनऊ और बाद में विभागीय स्तर पर जिले में कराया गया। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान 14 शिक्षक, जिसमें कई वार्डेन भी शामिल थीं। ये लोग शैक्षिक अभिलेखों में हेरफेर कर नौकरी हासिल किए थे। 15 जुलाई को सभी को बर्खास्त कर दिया गया। इसके पहले जून में लार की वार्डेन को एक शिकायत के आधार पर हुई जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। 22 जुलाई को इन सभी के खिलाफ कोतवाली पुलिस में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने तहरीर दी थी। इसके बाद इन सभी पर मुकदमा भी दर्ज हो गया।
विज्ञापन
उधर, निर्णय के विरोध में कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी। न्यायालय ने गौरीबाजार की एक पूर्णकालिक शिक्षिका की बर्खास्तगी पर बड़ी राहत देते हुए नौकरी पर बहाल और मानदेय भुगतान करने और रामपुर कारखाना की पूर्व वार्डेन की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए स्टे आर्डर दे दिया। साथ ही इस मामले में छह सप्ताह के अंदर एफिडेविट दाखिल करने को कहा है। दोनों शिक्षिकाओं ने बेसिक कार्यालय में स्टे आर्डर को उपलब्ध भी करा दिया गया है।
विज्ञापन
दो को राहत मिलने के बाद अन्य शिक्षकों में भी जगी उम्मीद
दो शिक्षिकाओं को राहत मिलने के बाद अब बर्खास्त अन्य शिक्षकों ने भी न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इन्हें भी पूरी उम्मीद है कि फैसला उनके पक्ष में ही आएगा। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि एक शिक्षिका का स्टे आर्डर विभाग को मिला है। अन्य शिक्षकों के न्यायालय जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। उनके निर्देश पर अब हाईकोर्ट में विभाग की ओर से काउंटर दाखिल किया जाएगा।
संदिग्ध 11 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का चल रहा सत्यापन
कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात 11 और संदिग्ध शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच विभाग की ओर से कराया जा रहा है। हालांकि अभी इनके संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा टीएन पांडेय ने बताया कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन अभी हो रहा है। राज्य परियोजना कार्यालय से इनके संबंध में जो भी निर्णय आएगा, उसका पालन किया जाएगा।