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टैंकर चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Tue, 17 May 2016 11:23 PM IST
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बैतालपुर आयल डिपो के टैंकर चालक हडताल पर।अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन किया।
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गोरखपुर में टैंकर पलटने से साथी चालक की मौत से टैंकर चालकों की नाराजगी दूसरे दिन भी जारी है। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग को लेकर टैंकर चालकों ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखी। तेल डिपो के अधिकारियों के वार्ता का प्रयास भी असफल रहा। आंदोलन के चलते नेपाल समेत पूर्वी यूपी के जिलों में तेल की आपूर्ति ठप है। इसका असर दिखना शुरू हो गया। देवरिया के कई पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने की खबर है।
पूर्वांचल टैंकर चालक कल्याण समिति के चालकों की हड़ताल को देखते हुए बैतालपुर के आईओसी, बीपीसी के प्रबंधकों ने वार्ता की कोशिश की। प्रबंधकों ने उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया लेकिन लेकिन चालक लिखित आश्वासन चाह रहे थे। इसके चलते बात नहीं बनी। दूसरे दिन भी नेपाल, पूर्वी यूपी के गोरखपुर, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, संत कबीर नगर, बस्ती, महराजगंज, देवरिया और मऊ आंशिक को तेल की आपूर्ति ठप रही। ऑयल कंपनियों की मानें तो यदि चालकों की हड़ताल बुधवार को खत्म नहीं होती है, तो पूर्वी यूपी में पेट्रोल डीजल की किल्लत शुरू हो जाएगी।
दो दिनों की हड़ताल से 60 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। चालकों ने आठ घंटे से अधिक काम न लेने, साप्ताहिक बंदी सुनिश्चित करने, गोरखपुर शहर के रास्ते सिद्घार्थनगर और महराजगंज की सप्लाई ले जाने की अनुमति देने, पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की मांग दुहराई। हड़ताल में अमरनाथ शुक्ल, रामाधीन सिंह, राजकुमार यादव, जाहिद अंसारी आदि का कहना था कि लिखित आश्वासन पर ही आंदोलन खत्म होगा।
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पूर्वांचल टैंकर चालक कल्याण समिति के चालकों की हड़ताल को देखते हुए बैतालपुर के आईओसी, बीपीसी के प्रबंधकों ने वार्ता की कोशिश की। प्रबंधकों ने उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया लेकिन लेकिन चालक लिखित आश्वासन चाह रहे थे। इसके चलते बात नहीं बनी। दूसरे दिन भी नेपाल, पूर्वी यूपी के गोरखपुर, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, संत कबीर नगर, बस्ती, महराजगंज, देवरिया और मऊ आंशिक को तेल की आपूर्ति ठप रही। ऑयल कंपनियों की मानें तो यदि चालकों की हड़ताल बुधवार को खत्म नहीं होती है, तो पूर्वी यूपी में पेट्रोल डीजल की किल्लत शुरू हो जाएगी।
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दो दिनों की हड़ताल से 60 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। चालकों ने आठ घंटे से अधिक काम न लेने, साप्ताहिक बंदी सुनिश्चित करने, गोरखपुर शहर के रास्ते सिद्घार्थनगर और महराजगंज की सप्लाई ले जाने की अनुमति देने, पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की मांग दुहराई। हड़ताल में अमरनाथ शुक्ल, रामाधीन सिंह, राजकुमार यादव, जाहिद अंसारी आदि का कहना था कि लिखित आश्वासन पर ही आंदोलन खत्म होगा।
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