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भक्तों के लिए खुल गए मां दुर्गा के पट
देवरिया
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:08 PM IST
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मां दुर्गा की प्रतिमा।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। आदिशक्ति मां दुर्गा के पट शनिवार को भक्तों के लिए खुल गए। पट खुलते ही भक्तों ने विधिविधान से मां का पूजन और आरती की। भक्तों के जयकारे से पंडाल और आसपास का माहौल भक्तिमय हो गया।
पिछले कई दिनों से दुर्गा पंडाल सजाए जा रहे थे। शहर में कई जगहों पर तो नवरात्र के प्रथम दिन से ही मां का पट खुल गया था। भक्त पूजन कर रहे थे। कुछ दुर्गा प्रतिमाओं के पट शुक्रवार की देर रात को खुल गए तो बचे हुए सभी प्रतिमाओं का पट शनिवार को खुल गया। विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार कर पट खुलवाया। मां की आरती की गई। यहां भक्तों ने जयकारा लगाया।
उधर, नगर पालिका की अध्यक्ष अलका सिंह ने दुर्गा पंडाल स्थल का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। दुर्गा पंडालों के पास मिठाई और खिलौने की अस्थाई दुकानें सजाई गई हैं। शाम होते ही तमाम लोग परिवार के साथ मेला देखने निकले।
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शनिवार को दुर्गा मंदिरों पर भक्तों की भीड़ रही। देवरही मंदिर, देवरिया खास काली मंदिर, बांस देवरिया काली मंदिर, गरूणपार काली मंदिर, राघवनगर दुर्गा मंदिर, लाहिलपार दुर्गा मंदिर, अहिल्यापुर दुर्गा मंदिर, छेरिहवा दुर्गा मंदिर, अमेठी माता मंदिर, अगस्तपार दुर्गा मंदिर, रूच्चापार दुर्गा मंदिर पर भक्तों ने चुन्नी और प्रसाद चढ़ाकर मां का पूजन किया। वैसे शनिवार की सुबह से आसमान में बादल छा गए थे। दोपहर होते-होते बारिश होने लगी। कई हिस्सों में दो घंटे से अधिक तक बारिश हुई। इससे भक्तों को काफी दिक्कत हुई।
वैसे तो तमाम लोगों ने मौसम को देखते हुए पहले से ही पांडाल को वाटरप्रूफ बनाया था। जो पंडाल वाटरप्रूफ नहीं थे, वहां काफी दिक्कतें हुई। भक्तों और पंडाल समिति के लोगों ने प्लास्टिक से ढंककर प्रतिमाओं को बचाया। कुछ प्रतिमाएं पांडाल के बाहर रखी गई हैं। ऐसे पंडालों के लोगों को और दिक्कत हुई।
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पिछले कई दिनों से दुर्गा पंडाल सजाए जा रहे थे। शहर में कई जगहों पर तो नवरात्र के प्रथम दिन से ही मां का पट खुल गया था। भक्त पूजन कर रहे थे। कुछ दुर्गा प्रतिमाओं के पट शुक्रवार की देर रात को खुल गए तो बचे हुए सभी प्रतिमाओं का पट शनिवार को खुल गया। विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार कर पट खुलवाया। मां की आरती की गई। यहां भक्तों ने जयकारा लगाया।
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उधर, नगर पालिका की अध्यक्ष अलका सिंह ने दुर्गा पंडाल स्थल का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। दुर्गा पंडालों के पास मिठाई और खिलौने की अस्थाई दुकानें सजाई गई हैं। शाम होते ही तमाम लोग परिवार के साथ मेला देखने निकले।
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शनिवार को दुर्गा मंदिरों पर भक्तों की भीड़ रही। देवरही मंदिर, देवरिया खास काली मंदिर, बांस देवरिया काली मंदिर, गरूणपार काली मंदिर, राघवनगर दुर्गा मंदिर, लाहिलपार दुर्गा मंदिर, अहिल्यापुर दुर्गा मंदिर, छेरिहवा दुर्गा मंदिर, अमेठी माता मंदिर, अगस्तपार दुर्गा मंदिर, रूच्चापार दुर्गा मंदिर पर भक्तों ने चुन्नी और प्रसाद चढ़ाकर मां का पूजन किया। वैसे शनिवार की सुबह से आसमान में बादल छा गए थे। दोपहर होते-होते बारिश होने लगी। कई हिस्सों में दो घंटे से अधिक तक बारिश हुई। इससे भक्तों को काफी दिक्कत हुई।
वैसे तो तमाम लोगों ने मौसम को देखते हुए पहले से ही पांडाल को वाटरप्रूफ बनाया था। जो पंडाल वाटरप्रूफ नहीं थे, वहां काफी दिक्कतें हुई। भक्तों और पंडाल समिति के लोगों ने प्लास्टिक से ढंककर प्रतिमाओं को बचाया। कुछ प्रतिमाएं पांडाल के बाहर रखी गई हैं। ऐसे पंडालों के लोगों को और दिक्कत हुई।