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अंशदान नहीं जमा करने पर फंसे बीएसए
देवरिया
Updated Wed, 21 Dec 2016 10:56 PM IST
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सुनील कुमार सिंह
देवरिया। चाहे उच्च अधिकारी आदेश को नकारना बीएसए पर भारी पड़ रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा करने पर बीएसए फंस गए हैं। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम सात (ए) के अंतर्गत 15 हजार रुपये से कम प्रतिमाह माह मानदेय पाने वाले संविदा कर्मचारियों को एक अप्रैल-2015 से पीएफ का लाभ मिलना है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त वीवीबी सिंह ने बीएसए देवरिया को पत्र लिखकर इस तरह के संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान जमा करने का आदेश दिया था।
इसके बाद भी बीएसए ने ऐसा नहीं किया। उनके बार-बार चेतावनी के बाद भी बीएसए ने अभी तक अंशदान जमा नहीं कराया। इसके बाद क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बीएसए के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में उनका फंसना तय है। क्योंकि उन्होंने आदेश की बार-बार अवहेलना की है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बीएसए से सभी संविदा कर्मचारियों का संपूर्ण विवरण और दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया था, लेकिन बीएसए ने विवरण और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।
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इस पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की है। इस बाबत वीवीबी सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, गोरखपुर ने बताया कि बार-बार पत्र लिखने के बाद भी बीएसए ने संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान जमा नहीं कराया है। निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। इस बाबत बीएसए राजीव कुमार यादव ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि में अंशदान जमा करने का मामला पुराना है। कुछ ऐसे कर्मचारी जिनका पूरा मानदेय अंशदान में चला जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगा गया है। जैसा आदेश मिलेगा, वैसा काम किया जाएगा।
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देवरिया। चाहे उच्च अधिकारी आदेश को नकारना बीएसए पर भारी पड़ रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा करने पर बीएसए फंस गए हैं। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम सात (ए) के अंतर्गत 15 हजार रुपये से कम प्रतिमाह माह मानदेय पाने वाले संविदा कर्मचारियों को एक अप्रैल-2015 से पीएफ का लाभ मिलना है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त वीवीबी सिंह ने बीएसए देवरिया को पत्र लिखकर इस तरह के संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान जमा करने का आदेश दिया था।
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इसके बाद भी बीएसए ने ऐसा नहीं किया। उनके बार-बार चेतावनी के बाद भी बीएसए ने अभी तक अंशदान जमा नहीं कराया। इसके बाद क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बीएसए के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में उनका फंसना तय है। क्योंकि उन्होंने आदेश की बार-बार अवहेलना की है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बीएसए से सभी संविदा कर्मचारियों का संपूर्ण विवरण और दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया था, लेकिन बीएसए ने विवरण और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।
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इस पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की है। इस बाबत वीवीबी सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, गोरखपुर ने बताया कि बार-बार पत्र लिखने के बाद भी बीएसए ने संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान जमा नहीं कराया है। निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। इस बाबत बीएसए राजीव कुमार यादव ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि में अंशदान जमा करने का मामला पुराना है। कुछ ऐसे कर्मचारी जिनका पूरा मानदेय अंशदान में चला जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगा गया है। जैसा आदेश मिलेगा, वैसा काम किया जाएगा।