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सपा में बज सकता है बगावत की बिगुल
देवरिया
Updated Thu, 29 Dec 2016 11:01 PM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव
- फोटो : amar ujala
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सुुधीर श्रीवास्तव
देवरिया। सपा में टिकट की घोषणा होते ही जिले में बगावत की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। रुद्रपुर और बरहज विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को अपनों से ही चुनौती मिल रही है। रुद्रपुर से प्रदीप यादव को पहले प्रत्याशी घोषित किया गया था, बाद में टिकट काटकर पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह खोखा सिंह को प्रत्याशी बना दिया गया। प्रदीप को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खेमे का बताया जा रहा है, तो खोखा को शिवपाल का करीबी। बरहज से सपा के सीटिंग विधायक प्रेमप्रकाश सिंह का टिकट काट दिया गया है।
उनके स्थान पर पूर्व जिलाध्यक्ष गेेनालाल यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। यहां से टिकट की लाइन में लगे गिरेंद्र प्रताप यादव ने बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दल चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रेमप्रकाश के टिकट कटने की वजह उत्तराखंड में एक मामले में अभी हाल में हुई गिरफ्तारी बताई जा रही है। हालांकि इस मामले में उनकी जमानत हो चुकी है।
सलेमपुर से मनबोध प्रसाद विधायक हैं। बुधवार को सपा जारी सूची में उनका नाम नहीं था। न ही इस सीट से किसी को प्रत्याशी घोषित किया गया है। सूत्र बताते हैं कि मनबोध से पार्टी के कुछ कार्यकर्ता नाराज हैं। सार्वजनिक मंच पर भी उन पर कई आरोप लग चुके हैं। प्रत्याशियों की सूची में अपना नाम नहीं होने पर मनबोध ने लखनऊ में डेरा डाले हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव से मिलकर पक्ष रखा है। लखनऊ में मुख्यमंत्री की बैठक में भी शामिल हुए। आश्वासन भी मिला है लेकिन संशय बरकरार है।
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रुद्रपुर सीट से खोखा सिंह के नाम की घोषणा होने से करीब एक साल से चुनाव प्रचार कर रहे प्रदीप यादव ने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें पहले प्रत्याशी घोषित किया था। टिकट कटने के बाद भी वह मुख्यमंत्री से मिलने गए थे।
प्रदीप का कहना है कि मुख्यमंत्री ने चुनाव की तैयारी करते रहने का निर्देश दिया है, मैदान से तभी हटूंगा, जब मुख्यमंत्री कहेंगे। बरहज सीट से गिरेंद्र प्रताप यादव, पीडी तिवारी और विजय रावत टिकट के दावेदार थे लेकिन सपा ने पुराने कार्यकर्ता गेनालाल यादव पर भरोसा जताया है। इससे इस सीट पर भी बगावत के संकेत हैं।
गिरेंद्र प्रताप यादव ने गेनालाल को टिकट मिलने के बाद क्षेत्र में रैली निकाल कर बगावती तेवर का संकेत दे दिया है। उनकी गाड़ियां क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं। गिरेंद्र का कहना है कि हर हाल में चुनाव लडूंगा। रामपुर कारखाना से विधायक गजाला लारी, भाटपाररानी से विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय बबलू, पथरदेवा से विधायक शाकिर अली पर पार्टी ने विश्वास जताते हुए दोबारा मैदान में उतारा है।
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देवरिया। सपा में टिकट की घोषणा होते ही जिले में बगावत की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। रुद्रपुर और बरहज विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को अपनों से ही चुनौती मिल रही है। रुद्रपुर से प्रदीप यादव को पहले प्रत्याशी घोषित किया गया था, बाद में टिकट काटकर पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह खोखा सिंह को प्रत्याशी बना दिया गया। प्रदीप को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खेमे का बताया जा रहा है, तो खोखा को शिवपाल का करीबी। बरहज से सपा के सीटिंग विधायक प्रेमप्रकाश सिंह का टिकट काट दिया गया है।
उनके स्थान पर पूर्व जिलाध्यक्ष गेेनालाल यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। यहां से टिकट की लाइन में लगे गिरेंद्र प्रताप यादव ने बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दल चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रेमप्रकाश के टिकट कटने की वजह उत्तराखंड में एक मामले में अभी हाल में हुई गिरफ्तारी बताई जा रही है। हालांकि इस मामले में उनकी जमानत हो चुकी है।
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सलेमपुर से मनबोध प्रसाद विधायक हैं। बुधवार को सपा जारी सूची में उनका नाम नहीं था। न ही इस सीट से किसी को प्रत्याशी घोषित किया गया है। सूत्र बताते हैं कि मनबोध से पार्टी के कुछ कार्यकर्ता नाराज हैं। सार्वजनिक मंच पर भी उन पर कई आरोप लग चुके हैं। प्रत्याशियों की सूची में अपना नाम नहीं होने पर मनबोध ने लखनऊ में डेरा डाले हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव से मिलकर पक्ष रखा है। लखनऊ में मुख्यमंत्री की बैठक में भी शामिल हुए। आश्वासन भी मिला है लेकिन संशय बरकरार है।
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रुद्रपुर सीट से खोखा सिंह के नाम की घोषणा होने से करीब एक साल से चुनाव प्रचार कर रहे प्रदीप यादव ने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें पहले प्रत्याशी घोषित किया था। टिकट कटने के बाद भी वह मुख्यमंत्री से मिलने गए थे।
प्रदीप का कहना है कि मुख्यमंत्री ने चुनाव की तैयारी करते रहने का निर्देश दिया है, मैदान से तभी हटूंगा, जब मुख्यमंत्री कहेंगे। बरहज सीट से गिरेंद्र प्रताप यादव, पीडी तिवारी और विजय रावत टिकट के दावेदार थे लेकिन सपा ने पुराने कार्यकर्ता गेनालाल यादव पर भरोसा जताया है। इससे इस सीट पर भी बगावत के संकेत हैं।
गिरेंद्र प्रताप यादव ने गेनालाल को टिकट मिलने के बाद क्षेत्र में रैली निकाल कर बगावती तेवर का संकेत दे दिया है। उनकी गाड़ियां क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं। गिरेंद्र का कहना है कि हर हाल में चुनाव लडूंगा। रामपुर कारखाना से विधायक गजाला लारी, भाटपाररानी से विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय बबलू, पथरदेवा से विधायक शाकिर अली पर पार्टी ने विश्वास जताते हुए दोबारा मैदान में उतारा है।