{"_id":"577e89dc4f1c1be6567fab0f","slug":"skirt-came-close-to-the-danger-mark-i","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के निशान के करीब पहुंची घाघरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के निशान के करीब पहुंची घाघरा
देवरिया
Updated Thu, 07 Jul 2016 10:27 PM IST
विज्ञापन
घाघरा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी गुरुवार को भी जारी रही।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरहज। घाघरा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी गुरुवार को भी जारी रही। 24 घंटे के भीतर नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़त दर्ज की गई। नदी खतरे के निशान 66.50 से 40 सेंटीमीटर नीचे 66.10 मीटर पर बह रही है। आशंका है कि नदी का जलस्तर अगले दो दिनों के भीतर खतरे को पार कर जाएगी।
इसके चलते देवारा क्षेत्र पर बने बंधों पर पानी का दबाव बढ़ना शुरू हो जाएगा। लगातार बढ़त को देखते हुए प्रशासन की ओर से बनाई गई टीम ने नदी के तटवर्ती इलाकों का जायजा लिया। बाढ़ का खतरा नदी के उस पार के गांव विशुनपुर देवार व धनयाकुंद महाल गांव पर अधिक दिख रहा है। जहां पानी गांवों की ओर धीरे-धीरे फैलने लगा है।
पानी में तेजी के चलते कटान पहले से अधिक तेज हो गई। दो दिनों के भीतर कपरवार की तीन बीघे से अधिक जमीन नदी में समाहित हो गई। इधर पानी रामजानकी मार्ग को बचाने के लिए बनाए गए ठोकरों के करीब पहुंच रहा है। नदी कटईलवां गांव के पास भी कटान कर रही है।
विज्ञापन
बाढ़ की संभावना को देखते हुए मेहियवां, रगरगंज, कोटवां, पैना आदि नदी तटवर्ती गांव के लोग, दहशत में हैं। एसडीएम राकेश सिंह का कहना है कि जिन गांवों को बाढ़ से घिरने की संभावना है, वहां नावें लगाई गई हैं। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग को कहा गया है।
विज्ञापन
इसके चलते देवारा क्षेत्र पर बने बंधों पर पानी का दबाव बढ़ना शुरू हो जाएगा। लगातार बढ़त को देखते हुए प्रशासन की ओर से बनाई गई टीम ने नदी के तटवर्ती इलाकों का जायजा लिया। बाढ़ का खतरा नदी के उस पार के गांव विशुनपुर देवार व धनयाकुंद महाल गांव पर अधिक दिख रहा है। जहां पानी गांवों की ओर धीरे-धीरे फैलने लगा है।
विज्ञापन
पानी में तेजी के चलते कटान पहले से अधिक तेज हो गई। दो दिनों के भीतर कपरवार की तीन बीघे से अधिक जमीन नदी में समाहित हो गई। इधर पानी रामजानकी मार्ग को बचाने के लिए बनाए गए ठोकरों के करीब पहुंच रहा है। नदी कटईलवां गांव के पास भी कटान कर रही है।
विज्ञापन
बाढ़ की संभावना को देखते हुए मेहियवां, रगरगंज, कोटवां, पैना आदि नदी तटवर्ती गांव के लोग, दहशत में हैं। एसडीएम राकेश सिंह का कहना है कि जिन गांवों को बाढ़ से घिरने की संभावना है, वहां नावें लगाई गई हैं। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग को कहा गया है।