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छह परिचारकों का वेतन रोका
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Thu, 19 May 2016 10:29 PM IST
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छह परिचारकों का वेतन रोका
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया जिले के दो इंटर कॉलेज में तैनात छह परिचारकों का जिला विद्यालय निरीक्षक ने वेतन रोक दिया है। ऐसा उनके नियुक्ति से संबंधी कागजात नहीं मिलने पर किया गया है। जन सूचना अधिकार अधिनियम से इस मामले का खुलासा हुआ है।
अंसारी रोड के रहने वाले दिलीप चौरसिया ने 23 मार्च को एसएसबीएल इंटर कॉलेज के परिचारक शैलेंद्र कुमार, दिनेश यादव, संजय मणि त्रिपाठी, अमित कुमार मिश्र, राजेश कुमार सिंह, कमलेश मौर्य और चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज देवगांव, गौरीबाजार के परिचारक सुधाकर मल्ल के नियुक्ति से संबंधी कागजात उपलब्ध कराने के लिए सूचना मांगी थी। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से दोनों कॉलेज के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर सभी कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वहां से कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक ने सूचना मिलने तक इन सभी का वेतन बाधित कर दिया है।
वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देेश दिया है कि सूचना मिलने के बाद ही इनके वेतन का भुगतान किया जाए। सूचना मांगने वाले दिलीप चौरसिया का कहना है कि इन सभी की नियुक्ति फर्जी हुई है। इसीलिए इनके नियुक्ति से संबंधित कागजात नहीं मिल रहे हैं। डीआईओएस कहना है कि दोनों कॉलेज से परिचारकों के नियुक्ति संबंधी कागजात मांगा गया है। तब तक इनका वेतन रोका गया है।
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अंसारी रोड के रहने वाले दिलीप चौरसिया ने 23 मार्च को एसएसबीएल इंटर कॉलेज के परिचारक शैलेंद्र कुमार, दिनेश यादव, संजय मणि त्रिपाठी, अमित कुमार मिश्र, राजेश कुमार सिंह, कमलेश मौर्य और चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज देवगांव, गौरीबाजार के परिचारक सुधाकर मल्ल के नियुक्ति से संबंधी कागजात उपलब्ध कराने के लिए सूचना मांगी थी। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से दोनों कॉलेज के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर सभी कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वहां से कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक ने सूचना मिलने तक इन सभी का वेतन बाधित कर दिया है।
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वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देेश दिया है कि सूचना मिलने के बाद ही इनके वेतन का भुगतान किया जाए। सूचना मांगने वाले दिलीप चौरसिया का कहना है कि इन सभी की नियुक्ति फर्जी हुई है। इसीलिए इनके नियुक्ति से संबंधित कागजात नहीं मिल रहे हैं। डीआईओएस कहना है कि दोनों कॉलेज से परिचारकों के नियुक्ति संबंधी कागजात मांगा गया है। तब तक इनका वेतन रोका गया है।
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