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Deoria News: आधी रात में धरना, दिन में नरम पड़े तेवर
Mon, 05 Oct 2026 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 05 Oct 2026 12:55 AM IST
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डीएम आवास के सामने धरने पर बैठे बृजपाल के परिजन।
देवरिया। बृजपाल की थाने के लॉकअप में मौत के बाद शनिवार की आधी रात में धरना देने वाले परिजन के तेवर दिन में नरम पड़ गए। पिता कैलाश सिंह और उनके साथ आए सुमित लंबरदार ने शुरुआत में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी लेकिन पोस्टमार्टम के बाद दोनों ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
उनके इस बदले रुख को लेकर शहर में दिनभर चर्चा होती रही। बृजपाल के पिता कैलाश सिंह तीन अक्तूबर की रात देवरिया पहुंचे थे।
रात करीब दो बजे वह अन्य लोगों के साथ डीएम आवास के सामने धरने पर बैठ गए। उस समय उन्होंने बेटे की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। उनके साथ मौजूद सुमित लंबरदार भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे थे। सुबह करीब पांच बजे पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद धरना समाप्त हुआ। शाम होते-होते पिता कैलाश सिंह और सुमित लंबरदार दोनों ने कार्रवाई के सवाल पर चुप्पी साध ली।
पत्रकारों ने उनसे पूछा कि अब क्या कार्रवाई चाहते हैं और पुलिस को शिकायत देंगे या नहीं लेकिन दोनों कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए। परिजन की ओर से पुलिस को कोई शिकायत भी नहीं दी गई। रात में कार्रवाई की मांग और शाम तक पूरी तरह खामोशी को लेकर शहर में सवाल और चर्चा बनी रही।
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उनके इस बदले रुख को लेकर शहर में दिनभर चर्चा होती रही। बृजपाल के पिता कैलाश सिंह तीन अक्तूबर की रात देवरिया पहुंचे थे।
रात करीब दो बजे वह अन्य लोगों के साथ डीएम आवास के सामने धरने पर बैठ गए। उस समय उन्होंने बेटे की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। उनके साथ मौजूद सुमित लंबरदार भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे थे। सुबह करीब पांच बजे पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद धरना समाप्त हुआ। शाम होते-होते पिता कैलाश सिंह और सुमित लंबरदार दोनों ने कार्रवाई के सवाल पर चुप्पी साध ली।
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पत्रकारों ने उनसे पूछा कि अब क्या कार्रवाई चाहते हैं और पुलिस को शिकायत देंगे या नहीं लेकिन दोनों कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए। परिजन की ओर से पुलिस को कोई शिकायत भी नहीं दी गई। रात में कार्रवाई की मांग और शाम तक पूरी तरह खामोशी को लेकर शहर में सवाल और चर्चा बनी रही।
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