Deoria News: सीटी स्कैन मशीन खराब, पैथोलॉजी के सर्वर में गड़बड़ी से ठप रहा कार्य
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में शहर से लेकर जिले के दूर-दराज इलाके के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। यहां मरीजों की जांच की निशुल्क व्यवस्था है, लेकिन दो दिन से सीटी स्कैन, पैथोलॉजी में तकनीकी गड़बड़ी से मरीजों को परेशानी हो रही है। सीटी स्कैन सेंटर पर हर रोज तकरीबन पचास से अधिक लोगों की जांच होती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेडिकल कॉलेज के जांच केंद्रों पर दो दिन से कार्य प्रभावित हो रहा है। बृहस्पतिवार को हाईवोल्टेज आने से सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई। इससे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा, वहीं पैैैथोलॉजी के सर्वर में गड़बड़ी से कार्य ठप रहा। ब्लड कलेक्शन सेंटर पर कर्मचारियों की सूझबूझ से मैनुअल रजिस्ट्रेशन कर सैंपल लिए गए। इससे मरीजों व कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा तो कुछ लोग बिना सैंपल दिए वापस हो गए, जबकि रिपोर्ट के लिए आए लोगों को निराशा हाथ लगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में शहर से लेकर जिले के दूर-दराज इलाके के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। यहां मरीजों की जांच की निशुल्क व्यवस्था है, लेकिन दो दिन से सीटी स्कैन, पैथोलॉजी में तकनीकी गड़बड़ी से मरीजों को परेशानी हो रही है। सीटी स्कैन सेंटर पर हर रोज तकरीबन पचास से अधिक लोगों की जांच होती है। बृहस्पतिवार को सीटी स्कैन कार्य ठप रहा।
सुबह कर्मचारी पहुंचे तो बिजली नहीं होने से मशीन नहीं चली। तकरीबन 11 बजे बिजली आई तो हाईवोल्टेज होने से मशीन का पार्ट जल गया। इसके बाद कर्मचारी असहाय हो गए। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सहित कंपनी को मशीन में खराबी की सूचना दी गई। मरीज रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे तो मशीन खराब होने की जानकारी मिलने पर मायूस हो गए।
भलुअनी क्षेत्र के रामप्यारे, रामलक्षन के द्वारिका, पथरदेवा क्षेत्र के बुद्धिराम व्यवस्था को कोसते हुए लौट गए। कुछ लोगों को मजबूरी में बाहर से अधिक कीमत चुका कर जांच करानी पड़ी। निजी सेंटर पर सीटी स्कैन की कीमत तकरीबन पंद्रह से सत्रह सौ रुपये बताई जा रही है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, अस्पताल के ओपीडी में स्थापित ब्लड कलेक्शन सेंटर पर सुबह से ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुट गई। लोग लाइन में खड़े हो गए। कर्मचारियों ने रजिस्ट्रेशन का कार्य शुरू किया। तकरीबन 70 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ तो कुछ को रिपोर्ट दी गई थी।
इसी बीच करीब ग्यारह बजे अचानक बिजली की गड़बड़ी से पैथोलॉजी का सर्वर फेल हो गया, जिससे जांच, रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कार्य ठप हो गया। कर्मचारी जल्द खराबी दूर होने की उम्मीद में थे, लेकिन काफी समय बीत गया। इसके बाद कतार में खड़े लोगों का धैर्य जवाब दे गया और हो-हल्ला होने लगा। कर्मचारियों अधिकारियों से बात की और सूझबूझ का परिचय देते हुए मैनुअल रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया तथा वॉयल पर हाथ से जांच लिखकर सैंपल कलेक्शन कराया तब जाकर लोग शांत हुए।
इसी बीच प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक भी पहुंचे और कर्मचारियों से समस्या की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। दोपहर बाद दो बजे तक 125 लोगों के रजिस्ट्रेशन किए गए, जबकि तकरीबन डेढ़ सौ से अधिक लोग बिना सैंपल दिए लौट गए। दोपहर बाद मैकेनिक पहुंचा और खराबी दूर करने में जुट गया। कुछ देर बाद पैथोलॉजी में जांच शुरू हुई।
सीटी स्कैन के लिए तीन दिन करना पड़ सकता है इंतजार
सीटी स्कैन मशीन खराब होने की सूचना कंपनी को दी गई है। पार्ट्स और मैकेनिक के आने और मशीन को ठीक करने में तकरीबन दो दिन का समय लग सकता है। जबकि रविवार को सेंटर बंद रहता है। ऐसे में तीन दिन तक सीटी स्कैन कार्य ठप रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मरीजों को जांच के दिन रविवार तक इंतजार करना पड़ सकता है।
मरीजों को नहीं मिली ब्लड की जांच रिपोर्ट
पैथोलॉजी में सर्वर फेल होने से रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कार्य बाधित रहा। सर्वर नहीं चलने के कारण किसी तरह सैंपल कलेक्शन का कार्य तो हुआ, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई। बुधवार को सैंपल देने के बाद बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोग घंटों लाइन में खड़े रहे कि रिपोर्ट लेकर डॉक्टर को दिखाएंगे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि आज रिपोर्ट नहीं मिल पाएगी तो वह व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए लौट गए।
अस्पताल के सीटी स्कैन और पैथोलॉजी में बिजली के कारण दिक्कत आई थी। सीटी स्कैन मशीन में गड़बड़ी की सूचना कंपनी को दे दी गई है। ब्लड कलेक्शन सेंटर में दिक्कत आई थी, लेकिन सभी के सैंपल लिए गए। मैकेनिक को बुलाया गया है। शाम तक पैथोलॉजी का सर्वर ठीक हो जाएगा। -डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक