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लार में होगी हिंदू महापंचायत : आदित्यनाथ
देवरिया
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:00 PM IST
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एसपी, एएसपी और एसओ लार के त्रिगुट ने कराया दंगा, एडीजे स्तर के अधिकारी से मामले की जांच की मांग
- फोटो : अनूप तिवारी
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देवरिया। गोरखपुर सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि लार दंगा एसपी, एसएसपी और एसओ के त्रिगुट ने कराया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से हिंदुओं पर एकतरफा कार्रवाई की गई है। पांच नाबालिग जेल में हैं। उन्होंने लार दंगा की एडीजे स्तर के अधिकारी से जांच कराने की मांग करते हुए दीवाली के आसपास वहां हिंदू महापंचायत की बात कही। महंत आदित्यनाथ शनिवार को पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूस को नमाज पढ़ने के नाम पर रोका गया। जिला प्रशासन ने स्थिति को संभाल लिया था। तालिबानी सोच के एसपी, एएसपी और एसओ ने मामले को बिगाड़ दिया। खुद ही टायर जलाकर आग लगाई और निर्दोष हिंदुओं पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई। जबरन मूर्तियों का विसर्जन कराया गया। पुलिस का यह नग्न नाच 48 घंटे पहले तक चला है।
एक ही घटना में 10 से अधिक एफआईआर कराई गई। इसके बाद भी यहां तीनों अधिकारी बने हुए हैं। इससे स्पष्ट है प्रदेश सरकार इनको प्रश्रय दे रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से वहां चिह्नित सिपाहियों को भेजा गया। निर्दोष लोगों को घर में निकालकर मारा गया। उन्होंने कहा कि जांच कर निर्दोष हिंदुओं पर दर्ज केस वापस लिया जाए। दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की जाए।
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देवरिया एसपी ने किया शर्मनाक कार्य
भारतीय प्रशासनिक सेवा का एक अधिकारी वर्दी में धर्म ने नाम पर खुलेआम करतब दिखा रहा है। जब डीजे बंद कर दिया गया, हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगी थी तो एसपी ने यह सब कुछ कैसे किया। जिले और लोकतंत्र के लिए इससे शर्मनाक स्थिति नहीं हो सकती है। महंत आदित्यनाथ ने कहा कि दुर्दांत अपराधी शहाबुद्दीन के काफिले में लार इलाके के तमाम लोग हुजूम लेकर पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर जेल भेज दिया। यहां का एसपी उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करता है? जबकि उनके नाम सभी को मालूम है।
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उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूस को नमाज पढ़ने के नाम पर रोका गया। जिला प्रशासन ने स्थिति को संभाल लिया था। तालिबानी सोच के एसपी, एएसपी और एसओ ने मामले को बिगाड़ दिया। खुद ही टायर जलाकर आग लगाई और निर्दोष हिंदुओं पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई। जबरन मूर्तियों का विसर्जन कराया गया। पुलिस का यह नग्न नाच 48 घंटे पहले तक चला है।
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एक ही घटना में 10 से अधिक एफआईआर कराई गई। इसके बाद भी यहां तीनों अधिकारी बने हुए हैं। इससे स्पष्ट है प्रदेश सरकार इनको प्रश्रय दे रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से वहां चिह्नित सिपाहियों को भेजा गया। निर्दोष लोगों को घर में निकालकर मारा गया। उन्होंने कहा कि जांच कर निर्दोष हिंदुओं पर दर्ज केस वापस लिया जाए। दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की जाए।
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देवरिया एसपी ने किया शर्मनाक कार्य
भारतीय प्रशासनिक सेवा का एक अधिकारी वर्दी में धर्म ने नाम पर खुलेआम करतब दिखा रहा है। जब डीजे बंद कर दिया गया, हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगी थी तो एसपी ने यह सब कुछ कैसे किया। जिले और लोकतंत्र के लिए इससे शर्मनाक स्थिति नहीं हो सकती है। महंत आदित्यनाथ ने कहा कि दुर्दांत अपराधी शहाबुद्दीन के काफिले में लार इलाके के तमाम लोग हुजूम लेकर पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर जेल भेज दिया। यहां का एसपी उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करता है? जबकि उनके नाम सभी को मालूम है।