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बोले कम पर सुनी लोगों की तकलीफें
देवरिया
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:07 PM IST
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पचलड़ी में लकवाग्रस्त बड़ेलाल चौरसिया की समस्या सुनते राहुल।
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व विजय त्रिपाठी
देवरिया/रुद्रपुर। किसान यात्रा के दौरान उमड़ी किसानों की भीड़ को देख राहुल गांधी काफी खुश दिखे। वह बार-बार भीड़ की ओर मुखातिब होकर अभिवादन करते रहे। खाट चौपाल में राहुल ने किसानों से उनकी समस्याएं जानी।
उन्होंने किसानों को मंच पर बुलाकर उनसे बात भी की। अधिकतर किसानों ने सिंचाई की दुश्वारियों से अवगत कराया। राहुल ने गन्ना किसानों से कहा कि वे उनकी समस्याएं संसद में उठाएंगे ताकि बंद चीनी मिलों को चालू कराया जा सके। मंच पर कन्हौली के किसान खड्ग बहादुर सिंह ने राहुल से कहा कि पूर्वांचल के किसान की माली हालात बद्तर होती जा रही है। सिंचाई के साधन नहीं हैं। खेती में खर्च की गई लागत भी नहीं निकल रही।
उन्होंने कर्ज देने में बैंकों पर कमीशन लेने का आरोप लगाया। महेशपुर के किसान नेपाल तिवारी ने कहा कि देवरिया कभी ‘चीनी का कटोरा’ कहा जाता था, जिले में 17 चीनी मिलें हुआ करती थीं। एक-एक कर सभी मिलें बंद हो गईं। इस कारण किसान गन्ने की नकदी खेती से वंचित हो रहे हैं। पचमा के किसान नरेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को सस्ते दर पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है।
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यह क्षेत्र दैवीय आपदा से प्रभावित इलाका है। सूखा राहत का धन शत प्रतिशत भी किसानों को नहीं मिला। उन्होंने राहुल से सूखे और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग की। राहुल ने चीनी मिलों के बंद कराने में केंद्र और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
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देवरिया/रुद्रपुर। किसान यात्रा के दौरान उमड़ी किसानों की भीड़ को देख राहुल गांधी काफी खुश दिखे। वह बार-बार भीड़ की ओर मुखातिब होकर अभिवादन करते रहे। खाट चौपाल में राहुल ने किसानों से उनकी समस्याएं जानी।
उन्होंने किसानों को मंच पर बुलाकर उनसे बात भी की। अधिकतर किसानों ने सिंचाई की दुश्वारियों से अवगत कराया। राहुल ने गन्ना किसानों से कहा कि वे उनकी समस्याएं संसद में उठाएंगे ताकि बंद चीनी मिलों को चालू कराया जा सके। मंच पर कन्हौली के किसान खड्ग बहादुर सिंह ने राहुल से कहा कि पूर्वांचल के किसान की माली हालात बद्तर होती जा रही है। सिंचाई के साधन नहीं हैं। खेती में खर्च की गई लागत भी नहीं निकल रही।
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उन्होंने कर्ज देने में बैंकों पर कमीशन लेने का आरोप लगाया। महेशपुर के किसान नेपाल तिवारी ने कहा कि देवरिया कभी ‘चीनी का कटोरा’ कहा जाता था, जिले में 17 चीनी मिलें हुआ करती थीं। एक-एक कर सभी मिलें बंद हो गईं। इस कारण किसान गन्ने की नकदी खेती से वंचित हो रहे हैं। पचमा के किसान नरेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को सस्ते दर पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है।
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यह क्षेत्र दैवीय आपदा से प्रभावित इलाका है। सूखा राहत का धन शत प्रतिशत भी किसानों को नहीं मिला। उन्होंने राहुल से सूखे और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग की। राहुल ने चीनी मिलों के बंद कराने में केंद्र और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया।