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एक बार फिर 102 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी

Tue, 07 Sep 2021 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 11:39 PM IST
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safe delivery in ambulance
एक बार फिर 102 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी
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देवरिया। आपात सेवा 102 नंबर एंबुलेंस एक बार फिर वरदान साबित हुई है। रामपुर कारखाना ब्लाक से जिला महिला अस्पताल ले जाते समय गायत्रीपुरम पेट्रोलपंप के पास 102 नंबर एंबुलेंस के कर्मियों ने एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करा जच्चा-बच्चा की जान बचाई। इसके बाद जच्चा-बच्चा को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां दोनों स्वस्थ हैं।
रामपुर कारखाना ब्लाक के भीमपुर निवासी सोनू की पत्नी ज्योति (22) को सोमवार रात प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने फोन से इसकी सूचना आशा कार्यकर्ता निर्मला को दी। आशा कार्यकर्ता निर्मला ने बताया कि गर्भवती के परिजनों ने जैसे ही उन्हें सूचना दी, उन्होंने एंबुलेंस को सूचित किया। सूचना के 14 मिनट बाद एंबुलेंस आ गई। उसमे इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) जगदीश प्रसाद और पायलट प्रेमशंकर तैनात थे। इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) जगदीश प्रसाद ने बताया कि एंबुलेंस के जिला महिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही गायत्रीपुरम पेट्रोलपंप के पास गर्भवती की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। गर्भवती की स्थिति बिगड़ने लगी तो ईएमटी ने एंबुलेंस को रोककर आशा कार्यकर्ता निर्मला और पायलट प्रेमशंकर की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। ईएमटी ने बताया कि आपात स्थितियों से निपटने का उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने आशा बहू की मदद से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। ज्योति के पति सोनू ने बताया आशा दीदी की तत्परता और एंबुलेंस टीम की मदद और सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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15 महिलाओं का हुआ सुरक्षित प्रसव
एंबुलेंस सेवा के डिस्ट्रिक प्रोग्राम मैनेजर श्यामनंदन सिंह ने बताया कि जनवरी 2021 से अब तक 15 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव ईएमटी, आशा कार्यकर्ता और पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एंबुलेंस में कराया है। सभी जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में ड्यूटी करने वाले ईएमटी को हैदराबाद में प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें सिखाया जाता है कि विषम परिस्थितियों का सामना वह कैसे करें तथा ऐसी परिस्थितियों से डरे नहीं बल्कि विश्वास के साथ उनका सामना करें ताकि मरीज की पूरी मदद कर पाएं।
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