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Deoria News: परिषदीय स्कूलों में लगे आरओ बने शोपीस
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लार परिषदीय स्कूल में लरा आरओ मशीन फोटो - संवाद
-दूषित जल पीने को छात्र मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लार ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में लगे आरओ खराब हो गए हैं। ऐसे में परिषदीय विद्यालय के बच्चों को स्वच्छ व ठंडा जल मयस्सर नहीं है। बच्चों को हैंडपंप का दूषित जल पीना पड़ रहा है। इससे उन्हें संक्रामक बीमारियां होने की आशंका है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी इसे ठीक नहीं कराया जा रहा है। अभिभावकों व छात्रों ने जल्द आरओ मशीन को ठीक कराने की मांग की है।
ब्लाॅक के परिषदीय विद्यालयों में शासन के निर्देश पर अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मंशा से प्रत्येक विद्यालयों में लगभग दो लाख चालीस हजार रुपये की लागत से आरओ मशीन लगवाया गया। कुछ दिनों तक तो आरओ मशीन ठीक चला। इसके बाद एक-एक कर मशीनें खराब हो गईं। इसके बाद किसी ने इसे ठीक कराने की पहल नहीं की। मौजूदा समय में लार ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय लार, उच्च प्राथमिक विद्यालय करमुआ, प्राथमिक विद्यालय दिस्तौली, प्राथमिक विद्यालय अमरीचक समेत करीब बारह से अधिक विद्यालयों के आरओ मशीन खराब हो गए हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार आज तक कई आरओ मशीन चालू ही नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद संबंधित कार्यदायी संस्था, अधिशासी अधिकारी, प्रधान, ग्राम सचिव आरओ प्लांट की मरम्मत कराने व बंद पड़े मशीनों को चालू कराने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। विवश होकर बच्चों को हैंड पंपों के दूषित जल का सेवन करना पड़ रहा है। इससे उनमें संक्रामक बीमारी होने की आशंका सता रही है। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले राजा, अंशु, नंदिनी, आभा, मृदुला, मिष्ठी आदि बच्चों ने बताया कि आरओ मशीन खराब होने से हैंड पंप का पानी पीना पड़ रहा है। यह पानी अच्छा नहीं लगता है। प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। वहीं सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए आरओ मशीन शोपीस साबित हो रहे हैं।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. गोविंद मिश्रा ने कहा लार ब्लॉक के दर्जनों परिषदीय विद्यालय में लगे आरओ मशीन खराब हैं या बंद पड़े हैं। संबंधित अधिकारियों से बंद पड़े आरओ मशीन को चालू कराने की मांग की गई है, ताकि बच्चों को शुद्ध पेयजल मिल सके, इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिख कर अवगत कराया जाएगा।
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दूषित जल में ही बन रहा छात्रों के लिए रसोई
आरओ मशीन खराब होने के बाद छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन हैंडपंप के दूषित पानी से ही बनाया जा रहा है। यहीं पर बर्तन भी धुले जाते हैं। यही जल बच्चों को सेवन करना पड़ रहा है।
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दूषित जल पीने से होती है बीमारी
दूषित जल पीने से पीलिया, पेचिश,गले की बीमारी,नेत्र रोग,टाइफाइड,दांत से संबंधित बीमारियां होने की आशंका रहती है। हमें दूषित जल का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
-डाॅ. बीवी सिंह चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी लार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लार ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में लगे आरओ खराब हो गए हैं। ऐसे में परिषदीय विद्यालय के बच्चों को स्वच्छ व ठंडा जल मयस्सर नहीं है। बच्चों को हैंडपंप का दूषित जल पीना पड़ रहा है। इससे उन्हें संक्रामक बीमारियां होने की आशंका है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी इसे ठीक नहीं कराया जा रहा है। अभिभावकों व छात्रों ने जल्द आरओ मशीन को ठीक कराने की मांग की है।
ब्लाॅक के परिषदीय विद्यालयों में शासन के निर्देश पर अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मंशा से प्रत्येक विद्यालयों में लगभग दो लाख चालीस हजार रुपये की लागत से आरओ मशीन लगवाया गया। कुछ दिनों तक तो आरओ मशीन ठीक चला। इसके बाद एक-एक कर मशीनें खराब हो गईं। इसके बाद किसी ने इसे ठीक कराने की पहल नहीं की। मौजूदा समय में लार ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय लार, उच्च प्राथमिक विद्यालय करमुआ, प्राथमिक विद्यालय दिस्तौली, प्राथमिक विद्यालय अमरीचक समेत करीब बारह से अधिक विद्यालयों के आरओ मशीन खराब हो गए हैं।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार आज तक कई आरओ मशीन चालू ही नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद संबंधित कार्यदायी संस्था, अधिशासी अधिकारी, प्रधान, ग्राम सचिव आरओ प्लांट की मरम्मत कराने व बंद पड़े मशीनों को चालू कराने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। विवश होकर बच्चों को हैंड पंपों के दूषित जल का सेवन करना पड़ रहा है। इससे उनमें संक्रामक बीमारी होने की आशंका सता रही है। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले राजा, अंशु, नंदिनी, आभा, मृदुला, मिष्ठी आदि बच्चों ने बताया कि आरओ मशीन खराब होने से हैंड पंप का पानी पीना पड़ रहा है। यह पानी अच्छा नहीं लगता है। प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। वहीं सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए आरओ मशीन शोपीस साबित हो रहे हैं।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. गोविंद मिश्रा ने कहा लार ब्लॉक के दर्जनों परिषदीय विद्यालय में लगे आरओ मशीन खराब हैं या बंद पड़े हैं। संबंधित अधिकारियों से बंद पड़े आरओ मशीन को चालू कराने की मांग की गई है, ताकि बच्चों को शुद्ध पेयजल मिल सके, इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिख कर अवगत कराया जाएगा।
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दूषित जल में ही बन रहा छात्रों के लिए रसोई
आरओ मशीन खराब होने के बाद छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन हैंडपंप के दूषित पानी से ही बनाया जा रहा है। यहीं पर बर्तन भी धुले जाते हैं। यही जल बच्चों को सेवन करना पड़ रहा है।
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दूषित जल पीने से होती है बीमारी
दूषित जल पीने से पीलिया, पेचिश,गले की बीमारी,नेत्र रोग,टाइफाइड,दांत से संबंधित बीमारियां होने की आशंका रहती है। हमें दूषित जल का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
-डाॅ. बीवी सिंह चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी लार