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Deoria News: सरयू-राप्ती पीछे हटीं तो मिली राहत पर जलभराव ने बढ़ाईं दुश्वारियां
Wed, 07 Oct 2026 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:06 AM IST
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बरहज। सरयू और राप्ती के जलस्तर में गिरावट शुरू होने से तटवर्ती ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है मगर बाढ़ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। मंगलवार की सुबह सरयू खतरे के निशान 66.50 मीटर से 50 सेंटीमीटर ऊपर 67.00 मीटर पर बह रही थी।
जलस्तर घटने के बावजूद कई गांव और मोहल्ले पानी से घिरे हैं। जलभराव वाले स्थानों से दुर्गंध उठने लगी है। इससे लोगों को संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है।
करीब एक सप्ताह पहले सरयू इस साल के उच्चतम स्तर 68.05 मीटर पर पहुंच गई थी। इससे विशुनपुर देवार के 12 मजरों समेत परसियां देवार के पीडब्ल्यूडी बांध, जहाज घाट, रगरगंज, मेहियवां के रामजानकी मार्ग, पटेल नगर, कटइलवा, नौकाटोला और कुवाईच टोला तक सरयू का पानी पहुंच गया था। राप्ती से चारों ओर घिरे भदिला प्रथम गांव में करीब डेढ़ माह से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि नदियों के पीछे हटने से बाढ़ का खतरा कम हुआ है मगर जलभराव से परेशानी बनी हुई है।
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बाढ़ से फसलों, घरों और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है। पानी में कमी के बावजूद प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन लौटने का इंतजार है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है।
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जलस्तर घटने के बावजूद कई गांव और मोहल्ले पानी से घिरे हैं। जलभराव वाले स्थानों से दुर्गंध उठने लगी है। इससे लोगों को संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है।
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करीब एक सप्ताह पहले सरयू इस साल के उच्चतम स्तर 68.05 मीटर पर पहुंच गई थी। इससे विशुनपुर देवार के 12 मजरों समेत परसियां देवार के पीडब्ल्यूडी बांध, जहाज घाट, रगरगंज, मेहियवां के रामजानकी मार्ग, पटेल नगर, कटइलवा, नौकाटोला और कुवाईच टोला तक सरयू का पानी पहुंच गया था। राप्ती से चारों ओर घिरे भदिला प्रथम गांव में करीब डेढ़ माह से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि नदियों के पीछे हटने से बाढ़ का खतरा कम हुआ है मगर जलभराव से परेशानी बनी हुई है।
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बाढ़ से फसलों, घरों और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है। पानी में कमी के बावजूद प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन लौटने का इंतजार है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है।