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अस्पतालों में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Mon, 16 May 2016 11:10 PM IST
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शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया।
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देवरिया जिला चिकित्सालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और फर्जी ढंग से संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
धरने को संबोधित करते हुए मंडल प्रमुख दिग्विजय चौबे ने कहा कि जिला चिकित्सालय के जिम्मेदार भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। यहां घोटाला किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में फर्जी ढंग से निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। किसी के नाम से रजिस्ट्रेशन कराकर किसी डॉक्टर को यहां बैठाया जाता है। इन अस्पतालों में मरीज ठगी के शिकार हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं। उन्होंने जिला अस्पताल से भ्रष्टाचार समाप्त करने और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर वह सीएमओ कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की चेेतावनी दी है। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
धरना देने वालों में नंदलाल पांडेय, जयप्रकाश सिंह, विजय जुआठा, अमित पांडेय, हरेराम तिवारी, बालेश्वर गोंड, अवधेश दीक्षित, सुभाष, रीता, सुभावती, सुभद्रा, शकुंतला देवी आदि शामिल रहीं।
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धरने को संबोधित करते हुए मंडल प्रमुख दिग्विजय चौबे ने कहा कि जिला चिकित्सालय के जिम्मेदार भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। यहां घोटाला किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में फर्जी ढंग से निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। किसी के नाम से रजिस्ट्रेशन कराकर किसी डॉक्टर को यहां बैठाया जाता है। इन अस्पतालों में मरीज ठगी के शिकार हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं। उन्होंने जिला अस्पताल से भ्रष्टाचार समाप्त करने और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर वह सीएमओ कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की चेेतावनी दी है। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
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धरना देने वालों में नंदलाल पांडेय, जयप्रकाश सिंह, विजय जुआठा, अमित पांडेय, हरेराम तिवारी, बालेश्वर गोंड, अवधेश दीक्षित, सुभाष, रीता, सुभावती, सुभद्रा, शकुंतला देवी आदि शामिल रहीं।
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