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Deoria News: दोहरे हत्याकांड के आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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लार रोड। रामजानकी मार्ग पर मईल थाना क्षेत्र के बढ़या हरदो के समीप हुए दोहरे हत्याकांड को आठ दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। घटना वाली रात करीब 10 बजे दोनों युवकों की अपनी पत्नियों से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। उन्होंने जल्द घर लौटने की बात कही थी लेकिन रात 10 बजे से पौने 12 बजे के बीच ऐसा क्या हुआ कि दोनों की हत्या कर दी गई, इसका राज अब तक बरकरार है।
मईल थाना क्षेत्र के करजहां गांव निवासी वकील यादव और इटहुरा हजाम निवासी विनय यादव दशहरा मेले के दिन लार गए थे। देर रात घर लौटते समय बढ़या हरदो के पास चाकू से हमला कर दोनों की हत्या कर दी गई। वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए कई टीमें गठित की थीं, लेकिन आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
घटना की रात वकील और विनय ने फोन पर अपनी-अपनी पत्नियों से बात की थी। दोनों ने जल्द घर पहुंचने की बात कही थी। इसके बाद न तो उनका फोन आया और न ही वे घर पहुंचे। परिजन रातभर उनके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन सुबह दोनों की हत्या की खबर मिली।
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वकील यादव की पत्नी रिक्की ने बताया कि उनके पति का स्वभाव अच्छा था और गांव में किसी से कोई विवाद नहीं था। घटना वाले दिन वह लार जाने के लिए निकले थे। बाइक से बच्चों को कुछ दूर तक छोड़ने के बाद उन्होंने फोन कर जल्द घर लौटने की बात कही थी। रिक्की ने बताया कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पति से हुई यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।
वहीं, विनय यादव की पत्नी कौशल्या देवी ने बताया कि उनके पति शनिवार को घर आए थे और दो दिन तक घर पर ही रहे। शाम को वह वकील के साथ दशहरा मेला देखने जाने की बात कहकर निकले थे। रात करीब 10 बजे फोन पर उन्होंने कौशल्या देवी से सो जाने को कहा था। वह देर रात तक पति के लौटने का इंतजार करती रहीं, लेकिन विनय घर नहीं पहुंचे।
हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द घटना का पर्दाफाश किया जाए।
सुनील कुमार सिंह, एएसपी दक्षिणी
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मईल थाना क्षेत्र के करजहां गांव निवासी वकील यादव और इटहुरा हजाम निवासी विनय यादव दशहरा मेले के दिन लार गए थे। देर रात घर लौटते समय बढ़या हरदो के पास चाकू से हमला कर दोनों की हत्या कर दी गई। वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए कई टीमें गठित की थीं, लेकिन आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
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घटना की रात वकील और विनय ने फोन पर अपनी-अपनी पत्नियों से बात की थी। दोनों ने जल्द घर पहुंचने की बात कही थी। इसके बाद न तो उनका फोन आया और न ही वे घर पहुंचे। परिजन रातभर उनके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन सुबह दोनों की हत्या की खबर मिली।
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वकील यादव की पत्नी रिक्की ने बताया कि उनके पति का स्वभाव अच्छा था और गांव में किसी से कोई विवाद नहीं था। घटना वाले दिन वह लार जाने के लिए निकले थे। बाइक से बच्चों को कुछ दूर तक छोड़ने के बाद उन्होंने फोन कर जल्द घर लौटने की बात कही थी। रिक्की ने बताया कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पति से हुई यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।
वहीं, विनय यादव की पत्नी कौशल्या देवी ने बताया कि उनके पति शनिवार को घर आए थे और दो दिन तक घर पर ही रहे। शाम को वह वकील के साथ दशहरा मेला देखने जाने की बात कहकर निकले थे। रात करीब 10 बजे फोन पर उन्होंने कौशल्या देवी से सो जाने को कहा था। वह देर रात तक पति के लौटने का इंतजार करती रहीं, लेकिन विनय घर नहीं पहुंचे।
हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द घटना का पर्दाफाश किया जाए।
सुनील कुमार सिंह, एएसपी दक्षिणी