{"_id":"60db65918ebc3e90ba7776bf","slug":"police-arrested-in-after-raid-deoria-news-gkp4000289175","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा नेता के यहां छापा मारा, दरोगा के बेटे, रिटायर्ड इंजीनियर को पुलिस ने पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा नेता के यहां छापा मारा, दरोगा के बेटे, रिटायर्ड इंजीनियर को पुलिस ने पकड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा नेता के यहां छापा मारा, दरोगा के बेटे, रिटायर्ड इंजीनियर को पुलिस ने पकड़ा
देवरिया। सपा नेताओं की धरपकड़ के लिए पुलिस सोमवार की रात में छापा मारती रही। विभिन्न थानों की पुलिस सपा नेताओं के परिजनों को हिरासत में लेकर थाने आई। इसके बाद मोहन गुप्ता समेत चार सपा नेताओं को थाने में बारह घंटे बैठाएं जाने के बाद छोड़ दिया।
मंगलवार को पूर्व जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव के भीखमपुर रोड स्थित आवास पर पुलिस ने छापा मारा लेकिन वहां कोई मिला नहीं। आरोप है कि गेट फांदकर पुलिस अंदर पहुंची और घर की तलाशी ली। सोमवार की रात में कोतवाली पुलिस ने पिपराचंद्रभान गांव में दबिश दी। पुलिस ने यहां से पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहन गुप्ता, ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव, सिद्धार्थन्गर जिले में तैनात एक चौकी प्रभारी के पुत्र एमबीबीएस छात्र राहुल और रिटायर्ड इंजीनियर नेउर यादव को कोतवाली लेकर चली आई। इसमें नेउर को छोड़ कर पुलिस ने सभी को बारह घंटे तक थाने में बैठाने के बाद छोड़ दिया। नेउर को छोड़ने के लिए पूरे दिन परिजन कोतवाली पुलिस से गुहार लगाते रहे। कोतवाल राजू सिंह ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
एसपी से मिले सपा जिलाध्यक्ष, नहीं बनी बात
देवरिया। पूर्व विधायक गजाला लारी समेत पांच नामजद एवं 100-150 अज्ञात सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज केस के मामले में पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। पुलिस एक को छोड़कर किसी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
विज्ञापन
सोमवार की शाम जिलाध्यक्ष दिलीप यादव जो खुद नामजद हैं। वह एमएलसी रामसुंदर दास, अशोक सिंह कुशवाहा, हृदयनारायण जायसवाल, परवेज आलम आदि सपा नेताओं के साथ एसपी आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने एसपी की चाय भी पी और सपा कार्यकर्त्ताओं को परेशान नहीं करने की सिफारिश की। एसपी ने कहा कि बेवजह हंगामा करना, कानून के साथ खिलवाड़ करना क्या उचित है? इसका सार्थक जवाब सपा नेता नहीं दे सके। दोनों पक्षों में आधे घंटे से बातचीत जरूर हुई लेकिन बात नहीं बन सकी। यह जरूर है कि सोमवार की रात पकड़े गए सपा नेताओं को छोड़ दिया गया। प्रश्न यह है कि जो हंगामा के दौरान मौजूद थे, आखिर उन्हें पुलिस क्यों नहीं गिरफ्तार कर रही है। जो मौजूद नहीं थे, उन्हीं के यहां दबिश दे रही है। दबिश से पहले सपा नेताओं को दबिश की जानकारी सिपाही दे रहे हैं। जो एक बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
देवरिया। सपा नेताओं की धरपकड़ के लिए पुलिस सोमवार की रात में छापा मारती रही। विभिन्न थानों की पुलिस सपा नेताओं के परिजनों को हिरासत में लेकर थाने आई। इसके बाद मोहन गुप्ता समेत चार सपा नेताओं को थाने में बारह घंटे बैठाएं जाने के बाद छोड़ दिया।
मंगलवार को पूर्व जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव के भीखमपुर रोड स्थित आवास पर पुलिस ने छापा मारा लेकिन वहां कोई मिला नहीं। आरोप है कि गेट फांदकर पुलिस अंदर पहुंची और घर की तलाशी ली। सोमवार की रात में कोतवाली पुलिस ने पिपराचंद्रभान गांव में दबिश दी। पुलिस ने यहां से पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहन गुप्ता, ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव, सिद्धार्थन्गर जिले में तैनात एक चौकी प्रभारी के पुत्र एमबीबीएस छात्र राहुल और रिटायर्ड इंजीनियर नेउर यादव को कोतवाली लेकर चली आई। इसमें नेउर को छोड़ कर पुलिस ने सभी को बारह घंटे तक थाने में बैठाने के बाद छोड़ दिया। नेउर को छोड़ने के लिए पूरे दिन परिजन कोतवाली पुलिस से गुहार लगाते रहे। कोतवाल राजू सिंह ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
एसपी से मिले सपा जिलाध्यक्ष, नहीं बनी बात
देवरिया। पूर्व विधायक गजाला लारी समेत पांच नामजद एवं 100-150 अज्ञात सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज केस के मामले में पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। पुलिस एक को छोड़कर किसी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
विज्ञापन
सोमवार की शाम जिलाध्यक्ष दिलीप यादव जो खुद नामजद हैं। वह एमएलसी रामसुंदर दास, अशोक सिंह कुशवाहा, हृदयनारायण जायसवाल, परवेज आलम आदि सपा नेताओं के साथ एसपी आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने एसपी की चाय भी पी और सपा कार्यकर्त्ताओं को परेशान नहीं करने की सिफारिश की। एसपी ने कहा कि बेवजह हंगामा करना, कानून के साथ खिलवाड़ करना क्या उचित है? इसका सार्थक जवाब सपा नेता नहीं दे सके। दोनों पक्षों में आधे घंटे से बातचीत जरूर हुई लेकिन बात नहीं बन सकी। यह जरूर है कि सोमवार की रात पकड़े गए सपा नेताओं को छोड़ दिया गया। प्रश्न यह है कि जो हंगामा के दौरान मौजूद थे, आखिर उन्हें पुलिस क्यों नहीं गिरफ्तार कर रही है। जो मौजूद नहीं थे, उन्हीं के यहां दबिश दे रही है। दबिश से पहले सपा नेताओं को दबिश की जानकारी सिपाही दे रहे हैं। जो एक बड़ा सवाल है।