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नाराज वकीलों ने प्रदर्शन किया
देवरिया
Updated Mon, 19 Sep 2016 11:27 PM IST
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वकीलों ने कचहरी गेट तक प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। दीवानी न्यायालय परिसर और कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों ने उड़ी सैन्य मुख्यालय पर हमले के खिलाफ प्रदर्शन किया। वकीलों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए। न्यायिक कार्य से अलग रहे। प्रधानमंत्री से पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की मांग की। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंगासन गिरी और मंत्री मनोज मिश्र की अगुवाई में वकीलों ने कचहरी गेट तक प्रदर्शन किया।
वकीलों ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से आतंकवादी गतिविधियां संचालित हैं। इसके खिलाफ भारत को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। संघ भवन में शोकसभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विनोद ठाकुर, प्रेमशंकर श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र राव, रमाशंकर तिवारी, शिवाकांत, श्रीराम तिवारी, अर्जुन यादव, पंकज पाठक,, सुरेंद्र त्रिपाठी, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे। दी कलेक्ट्रेेट सेंट्रल बार एसोसिएशन ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
वकीलों ने कहा कि उड़ी में आतंकी हमले से देश में शोक की लहर है। भारत सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। वकील न्यायिक कार्य से अलग रहे। दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, अशोक सिंह, नथुनी गिरी, रामनगीना यादव, संतशरण तिवारी, उमापति त्रिपाठी, राकेश मिश्र, शिवमोहन, अखिलेश, रमेश, बृजेश आदि मौजूद रहे।
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इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के उड़ी सैन्य मुख्यालय पर फिदायीन हमले से लोगों में गहरी नाराजगी है। वकीलों ने घटना के विरोध में कोर्ट में काम नहीं किया। राजनीतिक दलों ने भी घटना पर नाराजगी जताई। सभी ने एक स्वर से केंद्र सरकार से आतंकवादियों, उनके आकाओं के खिलाफ सख्ती से निपटने की मांग की। कहा कि अब समय आ गया कि पाकिस्तान को सबक सिखाने की। लोगों ने शहीद 17 जवानों को श्रद्धांजलि दी।
जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर सोमवार को उड़ी सैन्य मुख्यालय पर हुए हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राकेश ने कहा कि पिछलेे दो माह से जम्मू-कश्मीर के हालात ठीक नहीं हैं।
पाक प्रायोजित आतंकी घटनाओं ने धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू कश्मीर को अशांत कर दिया है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण बेगुनाह लोग और सेना के जवान मारे जा रहे हैं। जिसकी जितनी निंदा की जाय, कम है। इस हमले से पूरा देेश मर्माहत है। इस मौके पर वरुणा राय, अरविंद शाही, रामदयाल, नौशाद, दीनानाथ भारती, अजय प्रताप सिंह, सौरभ मिश्र, भरत मणि, आदित्य, गोपालकृष्ण पांडेय आदि मौजूूद रहे।
दूसरी ओर पेंशनर्स ने कलेक्ट्रेट में बैठक कर उड़ी में सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। उप्र पेंशनर्स कल्याण संस्था के अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने कहा कि पाक की ओर से किए जा रहे हमले आतंकवादी या फिदायीन हमले नहीं, बल्कि छदम युद्ध है। भारत सरकार के जिम्मेेदारों को जुबानी जंग छोड़कर पाक की भाषा में जवाब देना चाहिए। पाक से अच्छे रिश्ते की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में एसके भौमिक, बीएन पांडेेय, सीताराम, पीएस मिश्र, आरके गुप्ता, पीएन मिश्र आदि मौजूद रहे।
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वकीलों ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से आतंकवादी गतिविधियां संचालित हैं। इसके खिलाफ भारत को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। संघ भवन में शोकसभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विनोद ठाकुर, प्रेमशंकर श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र राव, रमाशंकर तिवारी, शिवाकांत, श्रीराम तिवारी, अर्जुन यादव, पंकज पाठक,, सुरेंद्र त्रिपाठी, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे। दी कलेक्ट्रेेट सेंट्रल बार एसोसिएशन ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
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वकीलों ने कहा कि उड़ी में आतंकी हमले से देश में शोक की लहर है। भारत सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। वकील न्यायिक कार्य से अलग रहे। दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, अशोक सिंह, नथुनी गिरी, रामनगीना यादव, संतशरण तिवारी, उमापति त्रिपाठी, राकेश मिश्र, शिवमोहन, अखिलेश, रमेश, बृजेश आदि मौजूद रहे।
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इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के उड़ी सैन्य मुख्यालय पर फिदायीन हमले से लोगों में गहरी नाराजगी है। वकीलों ने घटना के विरोध में कोर्ट में काम नहीं किया। राजनीतिक दलों ने भी घटना पर नाराजगी जताई। सभी ने एक स्वर से केंद्र सरकार से आतंकवादियों, उनके आकाओं के खिलाफ सख्ती से निपटने की मांग की। कहा कि अब समय आ गया कि पाकिस्तान को सबक सिखाने की। लोगों ने शहीद 17 जवानों को श्रद्धांजलि दी।
जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर सोमवार को उड़ी सैन्य मुख्यालय पर हुए हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राकेश ने कहा कि पिछलेे दो माह से जम्मू-कश्मीर के हालात ठीक नहीं हैं।
पाक प्रायोजित आतंकी घटनाओं ने धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू कश्मीर को अशांत कर दिया है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण बेगुनाह लोग और सेना के जवान मारे जा रहे हैं। जिसकी जितनी निंदा की जाय, कम है। इस हमले से पूरा देेश मर्माहत है। इस मौके पर वरुणा राय, अरविंद शाही, रामदयाल, नौशाद, दीनानाथ भारती, अजय प्रताप सिंह, सौरभ मिश्र, भरत मणि, आदित्य, गोपालकृष्ण पांडेय आदि मौजूूद रहे।
दूसरी ओर पेंशनर्स ने कलेक्ट्रेट में बैठक कर उड़ी में सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। उप्र पेंशनर्स कल्याण संस्था के अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने कहा कि पाक की ओर से किए जा रहे हमले आतंकवादी या फिदायीन हमले नहीं, बल्कि छदम युद्ध है। भारत सरकार के जिम्मेेदारों को जुबानी जंग छोड़कर पाक की भाषा में जवाब देना चाहिए। पाक से अच्छे रिश्ते की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में एसके भौमिक, बीएन पांडेेय, सीताराम, पीएस मिश्र, आरके गुप्ता, पीएन मिश्र आदि मौजूद रहे।