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बीडीओ, पूर्ति निरीक्षक सहित चार पर धोखाधड़ी का केस
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बीडीओ, पूर्ति निरीक्षक सहित चार पर मुकदमा
अपात्रों को अंत्योदय योजना का लाभ देने का आरोप
शासन के आदेश पर विजलेंस कर रही थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। अपात्रों को अंत्योदय योजना का लाभ देने केे आरोपी रुद्रपुर के तत्कालीन बीडीओ, पूर्ति निरीक्षक, कनिष्ठ लिपिक और ग्राम सचिव के खिलाफ बुधवार को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया। मामला भभौली गांव का है। शासन के निर्देश पर मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर गोरखपुर से कराई गई।
जांच अधिकारी और विजलेंस के निरीक्षक जय विजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में भभौली के ग्राम प्रधान ने गांव की खुली बैठक कर अंत्योदय योजना के तहत 110 पात्रों की सूची बनाकर राशन कार्ड बनाने के लिए बीडीओ कार्यालय को भेजा। बीडीओ कार्यालय से सूची में फेरबदल कर आपूर्ति विभाग को दूसरी सूची भेज दी गई। इसमें 98 अपात्र लोगों की फीडिंग कर उन्हें अंत्योदय कार्ड जारी कर दिया गया। बीडीओ कार्यालय और आपूर्ति निरीक्षक कार्यालय ने मिलीभगत कर शासन की योजनाओं का अपात्र लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। ग्राम प्रधान की ओर से भेजी गई सूची में कूटरचना कर पात्रों को शासन के अंत्योदय योजना से वंचित कर दिया गया। जांच में पाया गया कि खंड विकास कार्यालय का कनिष्ठ लिपिक और ग्राम सचिव ने कूूटरचित दस्तावेज तैयार किया है। तत्कालीन बीडीओ के हस्ताक्षर से कूटरचित फर्जी सूची जारी की गई। इन लोगों ने पूर्ति निरीक्षक को साजिश में लेकर फर्जी सूची की फीडिंग कराई। विकास और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से अपात्र शासन की योजना का लाभ उठा रहे हैं। मामले में विजिलेंस के निरीक्षक की तहरीर पर बीडीओ रामबिलास, आपूर्ति निरीक्षक दुर्गा दत्त, ग्राम सचिव रामबहादुर पाल और लिपिक विमल कुमार के खिलाफ बुधवार को अभियोग पंजीकृत किया गया।
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अपात्रों को अंत्योदय योजना का लाभ देने का आरोप
शासन के आदेश पर विजलेंस कर रही थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। अपात्रों को अंत्योदय योजना का लाभ देने केे आरोपी रुद्रपुर के तत्कालीन बीडीओ, पूर्ति निरीक्षक, कनिष्ठ लिपिक और ग्राम सचिव के खिलाफ बुधवार को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया। मामला भभौली गांव का है। शासन के निर्देश पर मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर गोरखपुर से कराई गई।
जांच अधिकारी और विजलेंस के निरीक्षक जय विजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में भभौली के ग्राम प्रधान ने गांव की खुली बैठक कर अंत्योदय योजना के तहत 110 पात्रों की सूची बनाकर राशन कार्ड बनाने के लिए बीडीओ कार्यालय को भेजा। बीडीओ कार्यालय से सूची में फेरबदल कर आपूर्ति विभाग को दूसरी सूची भेज दी गई। इसमें 98 अपात्र लोगों की फीडिंग कर उन्हें अंत्योदय कार्ड जारी कर दिया गया। बीडीओ कार्यालय और आपूर्ति निरीक्षक कार्यालय ने मिलीभगत कर शासन की योजनाओं का अपात्र लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। ग्राम प्रधान की ओर से भेजी गई सूची में कूटरचना कर पात्रों को शासन के अंत्योदय योजना से वंचित कर दिया गया। जांच में पाया गया कि खंड विकास कार्यालय का कनिष्ठ लिपिक और ग्राम सचिव ने कूूटरचित दस्तावेज तैयार किया है। तत्कालीन बीडीओ के हस्ताक्षर से कूटरचित फर्जी सूची जारी की गई। इन लोगों ने पूर्ति निरीक्षक को साजिश में लेकर फर्जी सूची की फीडिंग कराई। विकास और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से अपात्र शासन की योजना का लाभ उठा रहे हैं। मामले में विजिलेंस के निरीक्षक की तहरीर पर बीडीओ रामबिलास, आपूर्ति निरीक्षक दुर्गा दत्त, ग्राम सचिव रामबहादुर पाल और लिपिक विमल कुमार के खिलाफ बुधवार को अभियोग पंजीकृत किया गया।
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