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मेडिकल काॅलेज : बिगड़ रही व्यवस्था इलाज से ज्यादा विवाद के लिए चर्चा में
Fri, 08 May 2026 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 08 May 2026 11:34 PM IST
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज में भीड़ के चलते अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई है। कभी ओपीडी में तो कभी दवा काउंटर पर आए दिन विवाद होता रहता है। कालेज प्रशासन के सारे जतन भीड़ के चलते धरे के धरे रह जाते हैं।
मेडिकल कालेज में प्रतिदिन करीब दो से ढ़ाई हजार मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। इसमें जिले के अलावा सीमावर्ती बिहार के मरीज भी बड़ी संख्या में आते हैं। इन बाहरी मरीजों के चलते ओपीडी पर भार अधिक रहता है।
दूर से आए मरीज कतार में देर तक खड़े होते हैं। मेडिसीन, हड्डी रोग, ईएनटी, चर्म रोग में मरीजों की कतार लगी रहती है। इस बीच कई बार मरीज सुरक्षाकर्मियों से उलझ जाते हैं। इसके अलावा एक्सरे सेंटर, औषधि काउंटर भी मरीजों की भीड़ का दबाव रहता है। इसके अलावा पर्ची काउंटर पर सुबह सात बजे से 11 बजे तक भीड़ रहती है। यहां भी कई बार धक्का मुक्की हो जाती है। पहले पर्ची बनवाने के लिए लोग आगे निकलने का प्रयास करते हैं, जिसके चलते विवाद हो जाता है।
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दूर-दराज से आए मरीजों का कहना है कि इलाज कराने में पूरा दिन बीत जाता है। पर्ची बनवाने से लेकर ओपीडी तक ही सारा समय समाप्त हो जाता है। अगर डॉक्टर ने रक्त या कोई अन्य जांच लिख दिया तो रिपोर्ट दिखाने के लिए दूसरे दिन भी आना मजबूरी बन जाती है।
पकड़ी बाजार से इलाज कराने आए सेराज सिद्दिकी मेडिसीन विभाग की ओपीडी के सामने कतार में लगे थे। उन्होंने बताया कि शौचालय के सामने से चलकर यहां तक दो घंटे में पहुंचा हूं। अभी 10 मरीज मेरे आगे हैं। पता नहीं कब नंबर आएगा।
शहर के चकियवां से आए अमितेश दूबे ने बताया कि मेडिकल कालेज में इलाज बढि़या मिलता है। पर पूरा दिन निकल जाता है। अभी मैं डेढ़ घंटे से लाइन में लगा हूं। अब भी नंबर नहीं आया है। शौचालय के पास से चलकर यहां तक पहुंचा हूं। डाॅक्टर के कक्ष में कब प्रवेश मिलेगा कहना मुश्किल है।
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मेडिकल कालेज में प्रतिदिन करीब दो से ढ़ाई हजार मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। इसमें जिले के अलावा सीमावर्ती बिहार के मरीज भी बड़ी संख्या में आते हैं। इन बाहरी मरीजों के चलते ओपीडी पर भार अधिक रहता है।
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दूर से आए मरीज कतार में देर तक खड़े होते हैं। मेडिसीन, हड्डी रोग, ईएनटी, चर्म रोग में मरीजों की कतार लगी रहती है। इस बीच कई बार मरीज सुरक्षाकर्मियों से उलझ जाते हैं। इसके अलावा एक्सरे सेंटर, औषधि काउंटर भी मरीजों की भीड़ का दबाव रहता है। इसके अलावा पर्ची काउंटर पर सुबह सात बजे से 11 बजे तक भीड़ रहती है। यहां भी कई बार धक्का मुक्की हो जाती है। पहले पर्ची बनवाने के लिए लोग आगे निकलने का प्रयास करते हैं, जिसके चलते विवाद हो जाता है।
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दूर-दराज से आए मरीजों का कहना है कि इलाज कराने में पूरा दिन बीत जाता है। पर्ची बनवाने से लेकर ओपीडी तक ही सारा समय समाप्त हो जाता है। अगर डॉक्टर ने रक्त या कोई अन्य जांच लिख दिया तो रिपोर्ट दिखाने के लिए दूसरे दिन भी आना मजबूरी बन जाती है।
पकड़ी बाजार से इलाज कराने आए सेराज सिद्दिकी मेडिसीन विभाग की ओपीडी के सामने कतार में लगे थे। उन्होंने बताया कि शौचालय के सामने से चलकर यहां तक दो घंटे में पहुंचा हूं। अभी 10 मरीज मेरे आगे हैं। पता नहीं कब नंबर आएगा।
शहर के चकियवां से आए अमितेश दूबे ने बताया कि मेडिकल कालेज में इलाज बढि़या मिलता है। पर पूरा दिन निकल जाता है। अभी मैं डेढ़ घंटे से लाइन में लगा हूं। अब भी नंबर नहीं आया है। शौचालय के पास से चलकर यहां तक पहुंचा हूं। डाॅक्टर के कक्ष में कब प्रवेश मिलेगा कहना मुश्किल है।