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Deoria News: धनतेरस पर धनवर्षा की उम्मीद में चमका बाजार

Sat, 18 Oct 2025 02:34 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Oct 2025 02:34 AM IST
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Markets shine in anticipation of a shower of wealth on Dhanteras
देवरिया। धनतेरस की पूर्व संध्या पर बाजारों में रौनक लौट आई है। हर गली, हर दुकान, हर चौक रोशनी से नहाया नजर आ रहा है। इस बार त्योहार पर देसी वस्तुओं की चमक कुछ खास है।
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चाहे बात मिट्टी के दीयों की हो या पारंपरिक झालरों की, बढ़ती महंगाई और चाइनीज प्रोडक्ट्स की मौजूदगी के बावजूद देसी चीजों के प्रति लोगों का झुकाव फिर से बढ़ता दिख रहा है। परंपरागत दीयोंं के बीच रंग-बिरंगी झालरों ने इस त्यौहार पर सबको आकर्षित कर रहे हैं। वहीं धनतेरस को शनिवार होने से वाहन, बर्तन व अन्य धातुओं के सामानों की बिक्री पर असर दिखाई देना तय है।
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मिट्टी के दीयों की बढ़ी मांग, हर घर में जगमगाहट की तैयारी ः दीपावली पर हर घर को रोशन करने वाले मिट्टी के दीयों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। राघव नगर मोहल्ले में रहने वाले दीया कारोबारी बेचू प्रजापति ने बताया कि त्योहार के सीजन में मिट्टी के दीयों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है।
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उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में औसतन 10 हज़ार से 15 हज़ार तक दीयों की बिक्री हो जाती है। दीयों की कीमत आकार और डिजाइन के अनुसार भिन्न है।
छोटे दीये 80 से 100 रुपये प्रति सैकड़ा जबकि बड़े दीये 150 से 200 रूपये प्रति सैकड़ा तक बिक रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि दीपावली जैसे त्योहार पर मिट्टी के बने पारंपरिक दीयों की अपनी अलग ही आभा होती है। इसलिए कीमत ज्यादा होने पर भी लोग इन्हें खरीदना पसंद कर रहे हैं।
धनतेरस पर पूरे दिन कर सकते हैं खरीदारी ःसलेमपुर संवाद के अनुसार सनातन धर्म व संस्कृति का प्रमुख पर्व धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के ही के दिन समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले थे। इसमें विष, मां लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि भी थे। मंथन के वक्त निकलते समय भगवान धन्वंतरि के एक हाथ में अमृत कलश था।
इसी कारण इन्हें चिकित्सा विज्ञान के देवता व देवताओं के वैद्य के रूप में जाना जाता है। इनके साथ मां लक्ष्मी व कलश के होने के कारण इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा व बर्तन खरीदने का कार्य किया जाता है।

इस बार खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 8:50 से 10:33 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 से दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा। लाभ उन्नति चौघड़िया मुहूर्त दोपहर 1:51 से 3:18 बजे तक रहेगा।
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