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Deoria News: श्रीवेंकटेश का किया गया अभिषेक
Mon, 20 May 2024 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 20 May 2024 01:12 AM IST
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..फोटो
बालाजी मंदिर में श्री ब्रह्मोत्सव कार्यक्रम के छठवें दिन अवभृम स्नान, झूला दर्शन और मंगल बधाई उत्सव का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कसया रोड स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में आयोजित श्री ब्रह्मोत्सव कार्यक्रम छठवें दिन नादस्वर की प्रतिध्वनियों व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीवेंकटेश भगवान का अवभृत अभिषेक किया गया। दक्षिण भारत से आए आचार्यों ने विधि-विधान से संपन्न कराया। इसके पूर्व परिसर भगवान की भव्य सवारी निकाली गई। रथ खींचने के लिए साधकों में होड़ सी लगी रही।
बालाजी मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी राजनारायणाचार्य की देखरेख में रविवार की सुबह में नित्ययज्ञ, श्रीवेंकटेश की सवारी परिसर में निकाली गई। दोपहर में बाहर से आए आचार्यों की देखरेख में श्रीभक्ति पुष्करणी में भगवान वेंकटेश को अवभृत स्नान कराया गया। परिसर में पूरे दिन तिरुपति से नादस्वर बजाने आई टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से साधकों को बार-बार वेंकट रमणा गोविंदा, गोविंदा का जयघोष कराया। स्नान संस्कार के बाद झूला दर्शन, मंगल बधाई उत्सव का आयोजन किया गया। पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी राजनारायणचार्य ने बताया कि भगवान वेंकटेश का अवभृत स्नान, झूला दर्शन एवं बधाई उत्सव, चंद्रप्रभा सवारी में भाग लेने वाले भक्तों को कल्याण होता है। साधकों के लिए यह विशेष अवसर होता है।
कार्यक्रम में चेन्नई से आए एस सम्पत्कुमार भट्टाचारियर, तिरुचैरे सारनाथन, तमिलनाडु के प्रधान अर्चक श्रीरामन भट्टाचारियर, वृंदावन से राजगोपालन भट्टाचार्य, आचार्य शैलेष स्वामी, जगद्गुरु स्वामी अनन्ताचार्य, स्वामी रामचंद्राचार्य आदि मौजूद रहे।
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बालाजी मंदिर में श्री ब्रह्मोत्सव कार्यक्रम के छठवें दिन अवभृम स्नान, झूला दर्शन और मंगल बधाई उत्सव का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कसया रोड स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में आयोजित श्री ब्रह्मोत्सव कार्यक्रम छठवें दिन नादस्वर की प्रतिध्वनियों व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीवेंकटेश भगवान का अवभृत अभिषेक किया गया। दक्षिण भारत से आए आचार्यों ने विधि-विधान से संपन्न कराया। इसके पूर्व परिसर भगवान की भव्य सवारी निकाली गई। रथ खींचने के लिए साधकों में होड़ सी लगी रही।
बालाजी मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी राजनारायणाचार्य की देखरेख में रविवार की सुबह में नित्ययज्ञ, श्रीवेंकटेश की सवारी परिसर में निकाली गई। दोपहर में बाहर से आए आचार्यों की देखरेख में श्रीभक्ति पुष्करणी में भगवान वेंकटेश को अवभृत स्नान कराया गया। परिसर में पूरे दिन तिरुपति से नादस्वर बजाने आई टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से साधकों को बार-बार वेंकट रमणा गोविंदा, गोविंदा का जयघोष कराया। स्नान संस्कार के बाद झूला दर्शन, मंगल बधाई उत्सव का आयोजन किया गया। पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी राजनारायणचार्य ने बताया कि भगवान वेंकटेश का अवभृत स्नान, झूला दर्शन एवं बधाई उत्सव, चंद्रप्रभा सवारी में भाग लेने वाले भक्तों को कल्याण होता है। साधकों के लिए यह विशेष अवसर होता है।
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कार्यक्रम में चेन्नई से आए एस सम्पत्कुमार भट्टाचारियर, तिरुचैरे सारनाथन, तमिलनाडु के प्रधान अर्चक श्रीरामन भट्टाचारियर, वृंदावन से राजगोपालन भट्टाचार्य, आचार्य शैलेष स्वामी, जगद्गुरु स्वामी अनन्ताचार्य, स्वामी रामचंद्राचार्य आदि मौजूद रहे।
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