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Deoria News: जांच में पकड़ा गया झूठ, समिति पर मिली यूरिया
Wed, 27 Aug 2025 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 27 Aug 2025 12:03 AM IST
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समिति में मौजूद यूरिया की बोरी।
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है, मगर भिंगारी बाजार स्थित साधन सहकारी समिति पर जांच के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है। इसी क्रम में मंगलवार को एआर कोऑपरेटिव की टीम ने भिंगारी सहकारी समिति का निरीक्षण किया। जांच में समिति पर 48 बोरी यूरिया स्टॉक में पाया गया।
आरोप है कि समिति पर तैनात सचिव किसानों को गुमराह कर रहे थे। किसान जब यूरिया लेने समिति पर जाते थे तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता था कि स्टॉक में खाद उपलब्ध नहीं है। मजबूर होकर किसानों को बाजार से महंगे दाम पर यूरिया खरीदना पड़ रहा था। इससे उनकी खेती की लागत बढ़ रही थी।
प्रदेश सरकार किसानों को यूरिया की किल्लत से बचाने के लिए व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप स्वयं प्रदेशभर में सोसाइटियों का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि समय से खाद उपलब्ध हो सके।
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किसानों का कहना है कि समिति पर खाद होते हुए भी उसे नहीं दिया जाना शासन की मंशा के विपरीत है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव की कार्यप्रणाली से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। जांच टीम ने पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई शासन स्तर से तय होगी।
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भाटपाररानी। किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है, मगर भिंगारी बाजार स्थित साधन सहकारी समिति पर जांच के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है। इसी क्रम में मंगलवार को एआर कोऑपरेटिव की टीम ने भिंगारी सहकारी समिति का निरीक्षण किया। जांच में समिति पर 48 बोरी यूरिया स्टॉक में पाया गया।
आरोप है कि समिति पर तैनात सचिव किसानों को गुमराह कर रहे थे। किसान जब यूरिया लेने समिति पर जाते थे तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता था कि स्टॉक में खाद उपलब्ध नहीं है। मजबूर होकर किसानों को बाजार से महंगे दाम पर यूरिया खरीदना पड़ रहा था। इससे उनकी खेती की लागत बढ़ रही थी।
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प्रदेश सरकार किसानों को यूरिया की किल्लत से बचाने के लिए व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप स्वयं प्रदेशभर में सोसाइटियों का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि समय से खाद उपलब्ध हो सके।
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किसानों का कहना है कि समिति पर खाद होते हुए भी उसे नहीं दिया जाना शासन की मंशा के विपरीत है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव की कार्यप्रणाली से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। जांच टीम ने पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई शासन स्तर से तय होगी।