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वकीलों के तल्ख तेवर देख दीवानी कचहरी में नहीं आए पुलिसवाले
देवरिया
Updated Fri, 21 Oct 2016 10:26 PM IST
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लार कांड को लेकर वकीलों ने दीवानी कचहरी का मुख्य गेट बंद कर प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। लारकांड में वकील धर्मेंद्र मिश्र को फर्जी मुकदमे में फंसाने के विरोध में वकीलों का गुस्सा तीसरे दिन भी जारी रहा। वकीलों के तल्ख तेवर से पुलिस बैकफुट पर रही। शुक्रवार को दीवानी न्यायालय परिसर में एक भी पुलिसकर्मी नहीं घुसे। कामकाज पूरी तरह ठप रहा। यहां तक की जेल से एक भी कैदी पेशी के लिए नहीं लाए गए। वकीलों ने सीएम को पत्र भेजकर डीएम, एसपी और एसओ लार को तत्काल हटाते हुए न्यायिक जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दीवानी न्यायालय गेट पर वकीलों ने प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ भड़ास निकाली। वकीलों का कहना है कि डीएम और एसपी के गलत निर्णय से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ गया। गरीब जनता पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। अफसरों की कार्यप्रणाली से वकील और जनता असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि वकील धर्मेंद्र मिश्र पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन चलेगा।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने लार और उसके आसपास के गांवों में भय पैदा किया है। लार इलाके की स्थिति जम्मू-कश्मीर से भी बदतर हो गई है। पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की। शनिवार को आ रहे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सूर्यप्रकाश केशरवानी से वकील मिलेंगे और पुलिस प्रशासन का कच्चा चिट्ठा रखेंगे। इस मौके पर बृजबांके तिवारी, राणा प्रताप सिंह, अरविंद पांडेय, शंभूनाथ, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, सुभाष चंद्र राव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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दीवानी न्यायालय गेट पर वकीलों ने प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ भड़ास निकाली। वकीलों का कहना है कि डीएम और एसपी के गलत निर्णय से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ गया। गरीब जनता पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। अफसरों की कार्यप्रणाली से वकील और जनता असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि वकील धर्मेंद्र मिश्र पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन चलेगा।
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जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने लार और उसके आसपास के गांवों में भय पैदा किया है। लार इलाके की स्थिति जम्मू-कश्मीर से भी बदतर हो गई है। पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की। शनिवार को आ रहे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सूर्यप्रकाश केशरवानी से वकील मिलेंगे और पुलिस प्रशासन का कच्चा चिट्ठा रखेंगे। इस मौके पर बृजबांके तिवारी, राणा प्रताप सिंह, अरविंद पांडेय, शंभूनाथ, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, सुभाष चंद्र राव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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