देर से स्कूल आते हैं अध्यापक
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परिषदीय विद्यालय के अध्यापकों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। जिला समन्वयक की जांच में पता चला कि अधिकांश अध्यापक देरी से विद्यालय पहुंचते हैं।
उन्होंने रिपोर्ट बनाकर बीएसए को दे दी है। बीएसए की ओर से इन सभी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण ओपी शर्मा सोमवार को बैतालपुर के प्राथमिक विद्यालय गोविंदपुर पहुंचे। प्रधानाध्यापक कमलेश देवी मौजूद थीं, लेकिन कोई छात्र नहीं था।
सभी अभिलेख एक कमरे में बंद थे। जिसकी चाभी अनुपस्थित रसोईया के पास थी। इसे शिक्षण कार्य में रूचि न लेना, कर्त्तव्य और दायित्व के प्रति लापरवाही मानी गई।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय जंगल सहजौली की प्रधानाध्यापक गीता देवी 10:10 बजे विद्यालय पहुंचीं। विद्यालय में नामांकित 26 की जगह मात्र आठ छात्र ही उपस्थित मिले और समय सारिणी नहीं थी। सहायक अध्यापक बिना सूचना के अनुपस्थित पाई गईं।
प्राथमिक विद्यालय महुंअवा प्रथम पर सहायक अध्यापक प्रतिमा पांडेय 10:35 बजे विद्यालय पहुंचीं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बोड़िया अनंत की सहायक अध्यापक रीता देवी बिना सूचना अनुपस्थित थीं।
प्रधानाध्यापक कमलेश देवी ने 27 नवंबर के बाद से ही अवकाश का अंकन पत्र-व्यवहार पत्रिका में अंकित नहीं किया है। विद्यालय की समय सारिणी एक वर्ष पुरानी थी।
किसी भी अध्यापक को अपने विषय की जानकारी नहीं थी। 36 की जगह 10 बच्चे उपस्थित पाए गए। प्रतिदिन औसतन 20 बच्चों का एमडीएम बना है।
सहायक अध्यापक चांदनी और मनोरमा पांडेय का शिक्षण कार्य में रूचि नहीं है। जिला समन्वयक ओपी शर्मा ने बताया कि पूरी रिपोर्ट बनाकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है। सभी के खिलाफ उनके स्तर से कार्रवाई होनी है।