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Deoria News: शादी के लिए किया अपहरण, पांच साल की कैद
Fri, 13 Oct 2023 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 13 Oct 2023 12:26 AM IST
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देवरिया। लार थाना क्षेत्र में आठ वर्ष पूर्व किशोरी का शादी के लिए अपहरण करने के मामले में बृहस्पतिवार को फैसला सुना दिया गया। अदालत ने दोषी को पांच साल की कठोर कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
विशेष न्यायाधीश पाक्सो राकेश पटेल की अदालत ने 14 जून 2015 को लार थाना में दर्ज शादी के लिए किशोरी के अपहरण के मामले में फैसला सुनाया। आरोप था कि लार थाना क्षेत्र के पिपरडीह निवासी बच्चा उर्फ शंभू नाथ चौहान पुत्र बलिराम चौहान ने दूसरे गांव की किशोरी का शादी के लिए अपहरण कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। थाना लार की पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध 363 366 376 भादवि व पाक्सो अधिनियम के तहत आरोप पत्र प्रेषित किया। सुनवाई के दौरान किशोरी बयान से मुकर गई और उसने बताया कि उसने स्वयं ही शंभू से शादी कर ली है उसे किसी ने बहकाया या फुसलाकर भगाया नहीं है। उभय पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने पाया कि दुष्कर्म व पाक्सो अधिनियम का कोई अपराध आरोपी पर नहीं बनता है, ऐसे में पीड़िता किसी प्रतिकार की हकदार नहीं है। मामले में कोर्ट ने आरोपी को धारा 363 व 366 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई। कोर्ट से दोषी को न्यायिक हिरासत में लेकर सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
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विशेष न्यायाधीश पाक्सो राकेश पटेल की अदालत ने 14 जून 2015 को लार थाना में दर्ज शादी के लिए किशोरी के अपहरण के मामले में फैसला सुनाया। आरोप था कि लार थाना क्षेत्र के पिपरडीह निवासी बच्चा उर्फ शंभू नाथ चौहान पुत्र बलिराम चौहान ने दूसरे गांव की किशोरी का शादी के लिए अपहरण कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। थाना लार की पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध 363 366 376 भादवि व पाक्सो अधिनियम के तहत आरोप पत्र प्रेषित किया। सुनवाई के दौरान किशोरी बयान से मुकर गई और उसने बताया कि उसने स्वयं ही शंभू से शादी कर ली है उसे किसी ने बहकाया या फुसलाकर भगाया नहीं है। उभय पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने पाया कि दुष्कर्म व पाक्सो अधिनियम का कोई अपराध आरोपी पर नहीं बनता है, ऐसे में पीड़िता किसी प्रतिकार की हकदार नहीं है। मामले में कोर्ट ने आरोपी को धारा 363 व 366 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई। कोर्ट से दोषी को न्यायिक हिरासत में लेकर सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
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