{"_id":"58c42f854f1c1bd810dc61e2","slug":"kamal-feeding-on-six-seats-in-district-sp-in-bhatpararani","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की छह सीटों पर खिला कमल, भाटपाररानी में सपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की छह सीटों पर खिला कमल, भाटपाररानी में सपा
देवरिया
Updated Sat, 11 Mar 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
देवरिया के सुभाष चौक पर केसरिया गुलाल की होली खेलते भाजपा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। हर-हर मोदी, घर-घर मोदी की गूंज चुनाव नतीजे का रुझान आते ही शुरू हो गया। शहर मोदी मय हो गया। उत्साहित युवा भाजपाई बाइक से जुलूस के रूप में शहर भ्रमण पर निकल पड़े। खूब अबीर-गुलाल उड़े। गले लगाकर एक-दूसरे को बधाई दी तो मिठाई खिलाकर मुंह भी मीठा कराया। शहरवासियों को सुबह से ही विधानसभा चुनाव के रिजल्ट का इंतजार था।
हर किसी की नजर काउंटिंग स्थल एसएसबीएल इंटर कॉलेज से निकलने वालों पर थी। जैसे ही कोई बाहर आता था, पुलिस के रोकने के बाद भी लोग उसे घेर लेते थे। हर किसी को पसंदीदा प्रत्याशी की चिंता थी। भाजपा खेमे में केसरिया होली का माहौल था तो विपक्षी पार्टियों के चेहरे मुरझाए थे। किसी से नजर मिलाने से भी बच रहे थे। खासकर अब तक सत्ता सुख भोग चुके सपा नेता और उनके समर्थकों के होश फाख्ता थे। कुछ नेता उम्मीद से विपरीत आए रिजल्ट से अपने बड़े नेताओं की कमी पर टिप्पणी करते देखे गए।
कुछ तो यह भी कह रहे थे कि चुनाव से पहले पार्टी में बवंडर न हुआ होता, तो यह दिन न देखना पड़ता। विपक्षी खेमा मायूस था तो सत्ता हासिल करने की खुशी भाजपाइयों में साफ झलक रही थी। भाजपा से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं का जोश कुलांचे मार रहा था। जब यह लगभग तय हो गया कि जिले की सात में छह सीटों पर पार्टी को अब कोई पछाड़ नहीं पाएगा तो बाइक से निकल पड़े। मोदी-मोदी, हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे लगाते हुए अबीर-गुलाल उड़ाने लगे। सुभाष चौक का नजारा देखने लायक था।
विज्ञापन
विज्ञापन
हर किसी की नजर काउंटिंग स्थल एसएसबीएल इंटर कॉलेज से निकलने वालों पर थी। जैसे ही कोई बाहर आता था, पुलिस के रोकने के बाद भी लोग उसे घेर लेते थे। हर किसी को पसंदीदा प्रत्याशी की चिंता थी। भाजपा खेमे में केसरिया होली का माहौल था तो विपक्षी पार्टियों के चेहरे मुरझाए थे। किसी से नजर मिलाने से भी बच रहे थे। खासकर अब तक सत्ता सुख भोग चुके सपा नेता और उनके समर्थकों के होश फाख्ता थे। कुछ नेता उम्मीद से विपरीत आए रिजल्ट से अपने बड़े नेताओं की कमी पर टिप्पणी करते देखे गए।
विज्ञापन
कुछ तो यह भी कह रहे थे कि चुनाव से पहले पार्टी में बवंडर न हुआ होता, तो यह दिन न देखना पड़ता। विपक्षी खेमा मायूस था तो सत्ता हासिल करने की खुशी भाजपाइयों में साफ झलक रही थी। भाजपा से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं का जोश कुलांचे मार रहा था। जब यह लगभग तय हो गया कि जिले की सात में छह सीटों पर पार्टी को अब कोई पछाड़ नहीं पाएगा तो बाइक से निकल पड़े। मोदी-मोदी, हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे लगाते हुए अबीर-गुलाल उड़ाने लगे। सुभाष चौक का नजारा देखने लायक था।
विज्ञापन