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जल निगम कर्मियों ने की सरकार से 21 सौ करोड़ अवमुक्त करने की मांग
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जल निगम कर्मियों ने की सरकार से 21 सौ करोड़ अवमुक्त करने की मांग
देवरिया। तीन सूत्री मांगें पूरी कराने के लिए जल निगम कर्मियों ने शनिवार को कार्यालय परिसर में बैठक की। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई। साथ ही सरकार से 21 सौ करोड़ सेंटेज अवमुक्त करने की मांग की।
जल निगम संघर्ष समिति के बैनर तले हुई बैठक की अध्यक्षता आरके सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं पेंशनरों का पांच माह से वेतन/पेंशन भुगतान नहीं हुआ है। वर्ष 2016 से सेवानिवृत्ति के देयक लंबित हैं। इससे अधिकारी कर्मचारी भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं। आनंदवर्द्धन मिश्र ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से अघोषित रूप से आश्रित नियुक्ति पर रोक लगाकर मृतक आश्रित परिवारों को भीख मांगने पर मजबूर किया जा रहा है। सह मीडिया प्रभारी विवेकानंद ने कहा कि जल निगम की ओर से संपादित कार्यों पर अर्जित सेंटेज 21 सौ करोड़ की धनराशि शासन शीघ्र अवमुक्त करे, जिससे कर्मचारियों के वेतन-पेंशन का भुगतान हो सके। अभिषेक पांडेय ने कहा कि हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान रजनीश जायसवाल, सचिन सिंह, शंभूनाथ पांडेय, श्रीराम सिंह, श्रीप्रकाश तिवारी, कृष्ण कुमार मिश्रा, सिद्धार्थ पांडेय, भास्कर मिश्र, काशीनाथ मिश्र, रवींद्र चौरसिया, प्रभाकर तिवारी, रामप्रवेश सिंह, मुबारक अली, शौकत अब्बास, मोहम्मद मुश्ताक, अमित जायसवाल, शिवम मिश्र आदि मौजूद रहे।
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देवरिया। तीन सूत्री मांगें पूरी कराने के लिए जल निगम कर्मियों ने शनिवार को कार्यालय परिसर में बैठक की। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई। साथ ही सरकार से 21 सौ करोड़ सेंटेज अवमुक्त करने की मांग की।
जल निगम संघर्ष समिति के बैनर तले हुई बैठक की अध्यक्षता आरके सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं पेंशनरों का पांच माह से वेतन/पेंशन भुगतान नहीं हुआ है। वर्ष 2016 से सेवानिवृत्ति के देयक लंबित हैं। इससे अधिकारी कर्मचारी भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं। आनंदवर्द्धन मिश्र ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से अघोषित रूप से आश्रित नियुक्ति पर रोक लगाकर मृतक आश्रित परिवारों को भीख मांगने पर मजबूर किया जा रहा है। सह मीडिया प्रभारी विवेकानंद ने कहा कि जल निगम की ओर से संपादित कार्यों पर अर्जित सेंटेज 21 सौ करोड़ की धनराशि शासन शीघ्र अवमुक्त करे, जिससे कर्मचारियों के वेतन-पेंशन का भुगतान हो सके। अभिषेक पांडेय ने कहा कि हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान रजनीश जायसवाल, सचिन सिंह, शंभूनाथ पांडेय, श्रीराम सिंह, श्रीप्रकाश तिवारी, कृष्ण कुमार मिश्रा, सिद्धार्थ पांडेय, भास्कर मिश्र, काशीनाथ मिश्र, रवींद्र चौरसिया, प्रभाकर तिवारी, रामप्रवेश सिंह, मुबारक अली, शौकत अब्बास, मोहम्मद मुश्ताक, अमित जायसवाल, शिवम मिश्र आदि मौजूद रहे।
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