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Deoria News: चंद्रग्रहण के कारण चार मार्च को मनाई जाएगी होली
Sat, 28 Feb 2026 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:59 PM IST
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सलेमपुर। प्रेम, उत्साह और उमंग का पर्व होली इस वर्ष परंपरागत तिथि से एक दिन बाद मनाया जाएगा। आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि होलिका दहन दो मार्च (सोमवार) को होगा, जबकि तीन मार्च को लगने वाले खग्रास चंद्रग्रहण के कारण रंगोत्सव चार मार्च (बुधवार) को मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दो मार्च की शाम से तीन मार्च की सुबह 4 बजकर 56 मिनट तक भद्रा काल रहेगा। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। ऐसे में होलिका दहन भद्रा समाप्ति के बाद या भद्रा के पुच्छ काल में किया जाना शुभ माना गया है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन के लिए रात्रि 12 बजकर 50 मिनट से दो बजकर दो मिनट तक का समय अनुकूल है। यह अवधि एक घंटा 12 मिनट की है, जिसे भद्रा का पुच्छ काल माना गया है और धार्मिक दृष्टि से इसे उपयुक्त बताया गया है।
आचार्य शुक्ल ने बताया कि तीन मार्च को दोपहर बाद तीन बजकर 21 मिनट से शाम छह बजकर 46 मिनट तक खग्रास चंद्रग्रहण रहेगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह छह बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम छह बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा। सूतक काल में भोजन ढककर रखने, गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने तथा ग्रहण को नग्न आंखों से न देखने की सलाह दी गई है। ग्रहण एवं सूतक काल के कारण तीन मार्च को रंग खेलने का कार्यक्रम स्थगित रहेगा और होली का पर्व चार मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि दो मार्च की शाम से तीन मार्च की सुबह 4 बजकर 56 मिनट तक भद्रा काल रहेगा। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। ऐसे में होलिका दहन भद्रा समाप्ति के बाद या भद्रा के पुच्छ काल में किया जाना शुभ माना गया है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन के लिए रात्रि 12 बजकर 50 मिनट से दो बजकर दो मिनट तक का समय अनुकूल है। यह अवधि एक घंटा 12 मिनट की है, जिसे भद्रा का पुच्छ काल माना गया है और धार्मिक दृष्टि से इसे उपयुक्त बताया गया है।
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आचार्य शुक्ल ने बताया कि तीन मार्च को दोपहर बाद तीन बजकर 21 मिनट से शाम छह बजकर 46 मिनट तक खग्रास चंद्रग्रहण रहेगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह छह बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम छह बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा। सूतक काल में भोजन ढककर रखने, गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने तथा ग्रहण को नग्न आंखों से न देखने की सलाह दी गई है। ग्रहण एवं सूतक काल के कारण तीन मार्च को रंग खेलने का कार्यक्रम स्थगित रहेगा और होली का पर्व चार मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
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