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कैश के लिए ग्राहक और शाखा प्रबंधक भिड़े
देवरिया
Updated Tue, 24 Jan 2017 10:55 PM IST
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भाटपाररानी। कैश की किल्लत से ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। इसको लेकर आए दिन विवाद की स्थित देखने को मिल रही है। मंगलवार को नगर के सेंट्रल बैंक में कैश निकालने को लेकर ग्राहक और शाखा प्रबंधक आपस में भिड़ गए। शाखा प्रबंधक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। ग्राहक बिना कैश निकाले ही वापस चला गया।
भाटपाररानी के जसुई का एक व्यक्ति सेंट्रल बैंक में अपने खाते से 20 हजार रुपये निकालने पहुंचा। उसने निकासी पत्र भरकर बैंक को दिया तो बैंक ने 10 हजार रुपये तक ही भुगतान करने को कहा। उसने शाखा प्रबंधक से जाकर अपनी बात रखते हुए बताया कि उसके घर शादी है। 20 हजार रुपये की जरूरत है।
लेकिन शाखा प्रबंधक ने कैश की किल्लत बताते हुए पूरा कैश देने से इन्कार कर दिया। 10 हजार रुपये भुगतान को लेकर कहासुनी होने लगी। बात बिगड गई और दोनों आपस में भिड़ गए। शाखा प्रबंधक ने बैंक का गेट बंद कराकर भुगतान रोककर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों की बातों को सुना और मामले को शांत कराया। ग्राहक का कहना था कि रिजर्व बैंक का निर्देश है कि कोई व्यक्ति एक सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपये निकाल सकता है।
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चाहे वह एक बार में निकाले या कई बार में, लेकिन शाखा प्रबंधक मनमानी कर रहे हैं। ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। इसके बाद वह बिना कैश के ही वापस लौट गया। एसआई संजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष को समझा बुझाकर मामले को शांत करा दिया गया है। ग्राहक वापस लौट गया है। शाखा प्रबंधक ने कहा कि कम रकम होने से दिक्कत आ रही है।
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भाटपाररानी के जसुई का एक व्यक्ति सेंट्रल बैंक में अपने खाते से 20 हजार रुपये निकालने पहुंचा। उसने निकासी पत्र भरकर बैंक को दिया तो बैंक ने 10 हजार रुपये तक ही भुगतान करने को कहा। उसने शाखा प्रबंधक से जाकर अपनी बात रखते हुए बताया कि उसके घर शादी है। 20 हजार रुपये की जरूरत है।
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लेकिन शाखा प्रबंधक ने कैश की किल्लत बताते हुए पूरा कैश देने से इन्कार कर दिया। 10 हजार रुपये भुगतान को लेकर कहासुनी होने लगी। बात बिगड गई और दोनों आपस में भिड़ गए। शाखा प्रबंधक ने बैंक का गेट बंद कराकर भुगतान रोककर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों की बातों को सुना और मामले को शांत कराया। ग्राहक का कहना था कि रिजर्व बैंक का निर्देश है कि कोई व्यक्ति एक सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपये निकाल सकता है।
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चाहे वह एक बार में निकाले या कई बार में, लेकिन शाखा प्रबंधक मनमानी कर रहे हैं। ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। इसके बाद वह बिना कैश के ही वापस लौट गया। एसआई संजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष को समझा बुझाकर मामले को शांत करा दिया गया है। ग्राहक वापस लौट गया है। शाखा प्रबंधक ने कहा कि कम रकम होने से दिक्कत आ रही है।