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Deoria News: समूह के लोन में गारंटर बनने से दबाव में था ज्ञानेंद्र
Fri, 18 Oct 2024 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 18 Oct 2024 02:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/लार। पत्नी को फोन कर भागलपुर पुल से नदी में कूदने की बात कहने वाले शिक्षक का तीन दिन बाद भी पता नहीं चल सका है। हालांकि बुधवार की शाम सात बजे के करीब किसी अंजान नंबर से बड़े बेटे के पास उसने फोन किया था। दोबारा जब नंबर मिलाया गया तो ऑफ बताने लगा, जबकि वाट्सएप ऑन बता रहा है। पुलिस शिक्षक की खोजबीन कर रही है।
लार थाना क्षेत्र के उकीना गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह पुत्र रामकृपाल सिंह क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में शिक्षक हैं। पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहे हैं। लोगों के मुताबिक गांव के ही कुछ लोगों ने समूह से लोन लिया है। उसमें वह गारंटर बने हैं। लोन लेने वाले समूह का पैसा समय से जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे समूह संचालन करने वाले लोग ज्ञानेंद्र सिंह से ही रुपये वसूली का दबाव बना रहे हैं। इससे वह डिप्रेशन में थे। मंगलवार की शाम घर से लार जाने की बात कहकर निकले। देर रात भागलपुर पुल पहुंच गए। पत्नी से फोन कर बोला कि मैं भागलपुर पुल पर हूं। यहीं से नदी में कूदने जा रहा हूं। इसकी सूचना राहगीरों ने भागलपुर पुलिस चौकी पर दी। बाइक की डिक्की से कागजात, कपड़ा, पर्स, ड्राइविंग लाइसेंस मिला। वहीं पर्स के अंदर सुसाइड नोट भी मिला। इसकी सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बाइक की पहचान की।
बुधवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाश किया, लेकिन पता नहीं चल सका। उधर बुधवार को ही शाम सात बजे के करीब अंजान नंबर से बेटे अमन सिंह के मोबाइल पर फोन किया। उन्होंने पूछा कि तुम कहां हो। इतना ही पूछने के बाद फोन कट गया। दोबारा मिलाने पर नंबर ऑफ बताने लगा। बृहस्पतिवार को सुबह 11.30 तक वाट्सएप ऑन था। पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
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देवरिया/लार। पत्नी को फोन कर भागलपुर पुल से नदी में कूदने की बात कहने वाले शिक्षक का तीन दिन बाद भी पता नहीं चल सका है। हालांकि बुधवार की शाम सात बजे के करीब किसी अंजान नंबर से बड़े बेटे के पास उसने फोन किया था। दोबारा जब नंबर मिलाया गया तो ऑफ बताने लगा, जबकि वाट्सएप ऑन बता रहा है। पुलिस शिक्षक की खोजबीन कर रही है।
लार थाना क्षेत्र के उकीना गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह पुत्र रामकृपाल सिंह क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में शिक्षक हैं। पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहे हैं। लोगों के मुताबिक गांव के ही कुछ लोगों ने समूह से लोन लिया है। उसमें वह गारंटर बने हैं। लोन लेने वाले समूह का पैसा समय से जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे समूह संचालन करने वाले लोग ज्ञानेंद्र सिंह से ही रुपये वसूली का दबाव बना रहे हैं। इससे वह डिप्रेशन में थे। मंगलवार की शाम घर से लार जाने की बात कहकर निकले। देर रात भागलपुर पुल पहुंच गए। पत्नी से फोन कर बोला कि मैं भागलपुर पुल पर हूं। यहीं से नदी में कूदने जा रहा हूं। इसकी सूचना राहगीरों ने भागलपुर पुलिस चौकी पर दी। बाइक की डिक्की से कागजात, कपड़ा, पर्स, ड्राइविंग लाइसेंस मिला। वहीं पर्स के अंदर सुसाइड नोट भी मिला। इसकी सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बाइक की पहचान की।
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बुधवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाश किया, लेकिन पता नहीं चल सका। उधर बुधवार को ही शाम सात बजे के करीब अंजान नंबर से बेटे अमन सिंह के मोबाइल पर फोन किया। उन्होंने पूछा कि तुम कहां हो। इतना ही पूछने के बाद फोन कट गया। दोबारा मिलाने पर नंबर ऑफ बताने लगा। बृहस्पतिवार को सुबह 11.30 तक वाट्सएप ऑन था। पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
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