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रावतपार गोशाला में हरा चारा, न भूसा, पांच पशु मरे
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रावतपार गोशाला में हरा चारा, न भूसा, पांच पशु मरे
लार/मेहरौनाघाट। रावतपार रघेन गांव में गोशाला में बदइंतजामी है। यहां पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे का इंतजाम ही नहीं है। सिर्फ पुआल को काट कर खिलाया जा रहा है। बीमार पशुओं का ठीक से इलाज भी नहीं किया जा रहा है। रविवार को पांच पशु मरे मिले। एक मरा बछड़ा तीन दिनों से शेड में ही पड़ा था। उसकी तस्वीर किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जो वायरल हो गई। उसके बाद नगर पंचायत प्रशासन में खलबली मच गई।
लार नगर पंचायत की ओर से ब्लॉक के रावतपार रघेन गांव में बनवाए गए गोआश्रय में 91 गोवंश हैं। इनकी देख रेख और खिलाने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। समय-समय पर बीमार पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सक भी आते हैं। तीन दिन पूर्व एक बछड़े की ठंड से मौत हो गई। मौजूद उसके, कर्मचारियों ने उसे बाहर हटाना उचित नहीं समझा। कड़ाके की ठंड में पशुओं को ओढ़ाने के लिए बोरे की व्यवस्था नहीं है। वे ठंड में ठिठुरे हुए थे। भूसा की जगह पुआल काट के खिलाया जा रहा है। हरा चारा का कोई प्रबंध नहीं है। हालांकि पशुओं के इलाज के लिए डॉक्टर की टीम गोआश्रय पहुंचती रहती है। उधर रविवार को पांच पशुओं के मरे हुए फोटो किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। उसके बाद नगर पंचायत प्रशासन ने सक्रियता दिखाई।
इस संबंध में ईओ राजननाथ तिवारी ने बताया कि तीन बछड़े मरे हैं। उन्हें बिल्कुल बीमार हालत में थाने से भेजा गया था। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम के साथ पूरा प्रयास किया गया। पहले से मौजूद सभी पशु स्वस्थ हैं। चारे का प्रबंध किया गया है। पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। उधर पशु चिकित्साधिकारी रामजी यादव से संपर्क किया गया। उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
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पहले कहा एक भी पशु नहीं मरा है
लार। पांच पशुओं के मरने की सूचना पर गोआश्रय में लोगों की भीड़ लग गई। यह देख मौजूद कर्मचारी ने आनन-फानन में सभी को बाहर कर ताला बंद कर दिया और लोगों से कहा कि एक भी पशु की मौत नहीं हुई है। उसके बाद लोगों ने पांच मरे हुए पशुओं की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
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लार/मेहरौनाघाट। रावतपार रघेन गांव में गोशाला में बदइंतजामी है। यहां पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे का इंतजाम ही नहीं है। सिर्फ पुआल को काट कर खिलाया जा रहा है। बीमार पशुओं का ठीक से इलाज भी नहीं किया जा रहा है। रविवार को पांच पशु मरे मिले। एक मरा बछड़ा तीन दिनों से शेड में ही पड़ा था। उसकी तस्वीर किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जो वायरल हो गई। उसके बाद नगर पंचायत प्रशासन में खलबली मच गई।
लार नगर पंचायत की ओर से ब्लॉक के रावतपार रघेन गांव में बनवाए गए गोआश्रय में 91 गोवंश हैं। इनकी देख रेख और खिलाने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। समय-समय पर बीमार पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सक भी आते हैं। तीन दिन पूर्व एक बछड़े की ठंड से मौत हो गई। मौजूद उसके, कर्मचारियों ने उसे बाहर हटाना उचित नहीं समझा। कड़ाके की ठंड में पशुओं को ओढ़ाने के लिए बोरे की व्यवस्था नहीं है। वे ठंड में ठिठुरे हुए थे। भूसा की जगह पुआल काट के खिलाया जा रहा है। हरा चारा का कोई प्रबंध नहीं है। हालांकि पशुओं के इलाज के लिए डॉक्टर की टीम गोआश्रय पहुंचती रहती है। उधर रविवार को पांच पशुओं के मरे हुए फोटो किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। उसके बाद नगर पंचायत प्रशासन ने सक्रियता दिखाई।
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इस संबंध में ईओ राजननाथ तिवारी ने बताया कि तीन बछड़े मरे हैं। उन्हें बिल्कुल बीमार हालत में थाने से भेजा गया था। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम के साथ पूरा प्रयास किया गया। पहले से मौजूद सभी पशु स्वस्थ हैं। चारे का प्रबंध किया गया है। पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। उधर पशु चिकित्साधिकारी रामजी यादव से संपर्क किया गया। उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
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पहले कहा एक भी पशु नहीं मरा है
लार। पांच पशुओं के मरने की सूचना पर गोआश्रय में लोगों की भीड़ लग गई। यह देख मौजूद कर्मचारी ने आनन-फानन में सभी को बाहर कर ताला बंद कर दिया और लोगों से कहा कि एक भी पशु की मौत नहीं हुई है। उसके बाद लोगों ने पांच मरे हुए पशुओं की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।