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गोर्रा में दो सौ एकड़ फसल जलमग्न
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:13 PM IST
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फसल डूबी।
- फोटो : अमर उजाला
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गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहा। नदियों का वेग बढ़ता देख लोगों में दहशत बढ़ गई है। गोर्रा नदी का पानी लोगों के खेतों में पहुंच गया। वहीं बंधों पर खराब काम देख लोग गुस्से में है। करौता गांव के समीप निरोधात्मक कार्य नहीं होने से लोगों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। दोआबा के गाजन डहरौली के समीप बंधे को काट कर नदी के किनारे फेंका जा रहा था, इसको गांव वालों ने रोक दिया।
गोर्रा नदी रविवार की शाम खतरे के निशान 70.50 मीटर से 25 सेमी और राप्ती नदी 30 सेमी नीचे बह रही थी। रिटायर पचलड़ी पलिया बांध कटने से पचलड़ी गांव के किसानों का करीब दो सौ एकड़ फसल डूब गई। बाढ़ का पानी अब गांव की ओर बढ़ने लगा है। दो दिन में गोर्रा नदी करौता गांव के किसानों ने करीब पचास बीघा खेती काट कर बंधे के किनारे पहुंच गई। यहां बाढ़ बचाव के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ है। गांव के रामसुधारे पासवान, रतन शुक्ला, जंगल पासवान, पुजारी चौरसिया, राहुल, कृपाशंकर, अमीन, सोमनाथ, पृथ्वी पाल आदि लोगों ने कटान स्थल पर सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। दोआबा के छपरा, गाजन डहरौली गांव के समीप करीब तीन करोड़ की लागत से बोल्डर पिचिंग का कार्य चल रहा है। ठेकेदार बंधे की मिट्टी को काट कर बोल्डर पिचिंग के किनारे गिरा रहा था। इससे बंधा कमजोर होने लगा है। बसपा नेता राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में पहुंचे गांव वालों ने काम रोकवा दिया। उन्होंने एसडीएम से शिकायत कर अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गांव वालों ने कहा कि ठेकेदार दूसरे जगह से मिट्टी ले आने के बजाय बंधे की मिट्टी को नदी की ओर पलट रहा है। जिससे बंधो कमजोर हो गया है। उन्होंने बोल्डरों के गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया।
वर्जन
इस संबंध में एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि करौता गांव के समीप कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया है। गाजन डहरौली के समीप हुए निरोधात्मक कार्यो की जांच कर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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गोर्रा नदी रविवार की शाम खतरे के निशान 70.50 मीटर से 25 सेमी और राप्ती नदी 30 सेमी नीचे बह रही थी। रिटायर पचलड़ी पलिया बांध कटने से पचलड़ी गांव के किसानों का करीब दो सौ एकड़ फसल डूब गई। बाढ़ का पानी अब गांव की ओर बढ़ने लगा है। दो दिन में गोर्रा नदी करौता गांव के किसानों ने करीब पचास बीघा खेती काट कर बंधे के किनारे पहुंच गई। यहां बाढ़ बचाव के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ है। गांव के रामसुधारे पासवान, रतन शुक्ला, जंगल पासवान, पुजारी चौरसिया, राहुल, कृपाशंकर, अमीन, सोमनाथ, पृथ्वी पाल आदि लोगों ने कटान स्थल पर सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। दोआबा के छपरा, गाजन डहरौली गांव के समीप करीब तीन करोड़ की लागत से बोल्डर पिचिंग का कार्य चल रहा है। ठेकेदार बंधे की मिट्टी को काट कर बोल्डर पिचिंग के किनारे गिरा रहा था। इससे बंधा कमजोर होने लगा है। बसपा नेता राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में पहुंचे गांव वालों ने काम रोकवा दिया। उन्होंने एसडीएम से शिकायत कर अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गांव वालों ने कहा कि ठेकेदार दूसरे जगह से मिट्टी ले आने के बजाय बंधे की मिट्टी को नदी की ओर पलट रहा है। जिससे बंधो कमजोर हो गया है। उन्होंने बोल्डरों के गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया।
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इस संबंध में एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि करौता गांव के समीप कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया है। गाजन डहरौली के समीप हुए निरोधात्मक कार्यो की जांच कर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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