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घाघरा नदी ने लांघा खतरे का निशान
देवरिया
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:21 PM IST
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रविकांत
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज। मंगलवार को घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान को पारकर गया। नदी तेजी से कटान करते हुए कस्बे के समीप के कटईलवां गांव के पास पहुंच गई। प्रशासन के लोग भीषण कटान से बेखबर हैं। बाढ़ का पानी दियारा क्षेत्र के अधिकांश टोलों को घेरने लगा है। पानी धीरे-धीरे रामजानकी मार्ग के करीब पहुंच रहा है।
खतरे के निशान 66.50 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर 66.65 मीटर पर घाघरा नदी बह रही है। मंगलवार को कटान में तेजी हुई, नदी व कटईलवा गांव का फासला करीब 20 मीटर रह गया है। जिसके चलते गांववाले बेचैन हैं। गांव के छांगुर यादव, जवाहर, राजेंद्र निषाद और श्रवण पासवान ने बताया कि ऐसे ही कटान होती रही तो गांव की सड़क दो दिन में कट जाएगी।
उधर विशुनपुर देवार के बंधों पर बाढ़ का पानी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कतलहिया, हरिजन बस्ती, स्कूलहिया टोले पानी से घिरने लगे। प्रशासन की ओर से कहीं भी नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है। पहले से बाढ़ से घिरे भदिला प्रथम व धन्याकुंद महाल में लोगों को परेशानियां बढ़ गई हैं। वहां का जनजीवन बाढ़ से प्रभावित हो गया है।
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नौका टोले के पास रामजानकी मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। कुरह परसिया गांव में रहे रहे पांच परिवारों को तत्काल बाढ़ शरण केंद्रों पर भेजे जाने की बात कही गई है, लेकिन लोग अपने घरों में ही जमे हैं। एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने दोपहर बाद घिरे हुए गांव व बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों का जायजा लिया। उनका कहना है कि कटईलवां को हर हाल में बचाया जाएगा। सभी क्षेत्रों की बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए नावों को भेजा जा रहा है।
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खतरे के निशान 66.50 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर 66.65 मीटर पर घाघरा नदी बह रही है। मंगलवार को कटान में तेजी हुई, नदी व कटईलवा गांव का फासला करीब 20 मीटर रह गया है। जिसके चलते गांववाले बेचैन हैं। गांव के छांगुर यादव, जवाहर, राजेंद्र निषाद और श्रवण पासवान ने बताया कि ऐसे ही कटान होती रही तो गांव की सड़क दो दिन में कट जाएगी।
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उधर विशुनपुर देवार के बंधों पर बाढ़ का पानी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कतलहिया, हरिजन बस्ती, स्कूलहिया टोले पानी से घिरने लगे। प्रशासन की ओर से कहीं भी नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है। पहले से बाढ़ से घिरे भदिला प्रथम व धन्याकुंद महाल में लोगों को परेशानियां बढ़ गई हैं। वहां का जनजीवन बाढ़ से प्रभावित हो गया है।
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नौका टोले के पास रामजानकी मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। कुरह परसिया गांव में रहे रहे पांच परिवारों को तत्काल बाढ़ शरण केंद्रों पर भेजे जाने की बात कही गई है, लेकिन लोग अपने घरों में ही जमे हैं। एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने दोपहर बाद घिरे हुए गांव व बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों का जायजा लिया। उनका कहना है कि कटईलवां को हर हाल में बचाया जाएगा। सभी क्षेत्रों की बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए नावों को भेजा जा रहा है।