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Deoria News: इलाज से अधिक कठिन है यहां दवा लेना
Wed, 06 May 2026 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 06 May 2026 12:13 AM IST
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में इन दिनों इलाज से कठिन मरीजों के लिए दवा लेना है। डॉक्टरों को दिखाने के बाद दवा के लिए देर तक लाइन में लगना पड़ रहा है।
कई बार तीमारदार भी कतार में खड़े-खड़े थक जाते हैं। मरीजों के लिए यह बहुत मुश्किल है। जिले भर के साथ-साथ सीमावर्ती बिहार से भी लगभग ढाई से तीन हजार की संख्या में मरीज प्रतिदिन मेडिक्ल काॅलेज पहुंचते हैं।
यह सुबह पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी तक दौड़ लगाने के बाद किसी तरह डॉक्टर को दिखा लेते हैं। इसके बाद दवा े लेने में मरीजों व उनके तीमारदारों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
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मेडिकल काॅलेज ने इसके लिए चार काउंटर खोल रखे हैं। कम संख्या में काउंटर होने से मरीजों को दवा लेने में आधे से एक घंटे लग जाते हैं। दवा वितरण में मरीजों की संख्या के चलते तेजी रहती है।
इसके चलते कई बार मरीज दवा के बारे में काउंटर से पूछते रह जाते हैं, पर समय की कमी के चलते कर्मचारी बता नहीं पाते हैं। इससे मरीजों को भटकना पड़ता है। मेडिकल काॅलेज में मां का इलाज कराने आईं रेनू ने बताया कि आधे घंटे से दवा लेने के लिए लाइन में खड़ी हूं। आगे 10 लोग अभी और हैं, कितनी देर तक खड़ा रहना पड़ेगा, समझ में नहीं आ रहा है।
वहीं बेटे का इलाज कराने आईं ममता ने बताया कि डॉक्टर ने 15 मिनट में देख लिया। अब दवा लेने में आधे घंटे से अधिक का समय हो गया। अभी नंबर नहीं आया है।
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कई बार तीमारदार भी कतार में खड़े-खड़े थक जाते हैं। मरीजों के लिए यह बहुत मुश्किल है। जिले भर के साथ-साथ सीमावर्ती बिहार से भी लगभग ढाई से तीन हजार की संख्या में मरीज प्रतिदिन मेडिक्ल काॅलेज पहुंचते हैं।
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यह सुबह पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी तक दौड़ लगाने के बाद किसी तरह डॉक्टर को दिखा लेते हैं। इसके बाद दवा े लेने में मरीजों व उनके तीमारदारों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
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मेडिकल काॅलेज ने इसके लिए चार काउंटर खोल रखे हैं। कम संख्या में काउंटर होने से मरीजों को दवा लेने में आधे से एक घंटे लग जाते हैं। दवा वितरण में मरीजों की संख्या के चलते तेजी रहती है।
इसके चलते कई बार मरीज दवा के बारे में काउंटर से पूछते रह जाते हैं, पर समय की कमी के चलते कर्मचारी बता नहीं पाते हैं। इससे मरीजों को भटकना पड़ता है। मेडिकल काॅलेज में मां का इलाज कराने आईं रेनू ने बताया कि आधे घंटे से दवा लेने के लिए लाइन में खड़ी हूं। आगे 10 लोग अभी और हैं, कितनी देर तक खड़ा रहना पड़ेगा, समझ में नहीं आ रहा है।
वहीं बेटे का इलाज कराने आईं ममता ने बताया कि डॉक्टर ने 15 मिनट में देख लिया। अब दवा लेने में आधे घंटे से अधिक का समय हो गया। अभी नंबर नहीं आया है।