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26 दिन बाद भी गबन का आरोपित गिरफ्तार नहीं
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सरकारी धन के गबन, अनियमितता के आरोप में चेयरमैन पर दर्ज है मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। कोतवाली पुलिस ने ईओ की तहरीर पर छब्बीस दिन पूर्व मझौलीराज नगर पंचायत के चेयरमैन गौरीशंकर गुप्ता के खिलाफ सरकारी धन के गबन और दुरुपयोग के मामले केस दर्ज किया था। यह कार्रवाई लोकायुक्त के आदेश पर की गई थी। बावजूद इसके अब तक गबन के आरोपित चेयरमैन को पकड़ा नहीं जा सका।
मझौलीराज नगर पंचायत निवासी व भाजपा नेता रामध्यान पटेल ने वर्ष 2019 में नगर पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों की 11 बिंदुओं पर जांच कराने की शिकायत लोकायुक्त से की थी। इसके बाद लोकायुक्त के निर्देश पर डीएम ने जिला स्तरीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई। जांच टीम की दी गई आख्या के मुताबिक नगर पंचायत में बिजली के खंभे, हाईमास्ट, स्ट्रीट लाइट, तार आदि की खरीदारी में आंशिक कमी मिली थी। कूड़ा रखने के लिए खरीदी गई बाल्टी आदि में कुछ मामले सामने भी आए। पेट्रोल-डीजल, मिट्टी के तेल आदि में भी फर्जी खपत दिखाकर भुगतान की बात सामने आई।नाला, स्लैब, चहारदीवारी के निर्माण में निम्न स्तर की ईंट व अन्य सामग्री प्रयोग किए जाने की की पुष्टि हुई। कई जगहों पर इंटरलॉकिंग व सीसी रोड का निर्माण लोगों के व्यक्तिगत लाभ के लिए कराया गया था। इसमें करीब 12.75 लाख रुपये खर्च हुए थे। स्पीड ब्रेकर के नाम पर आठ लाख रुपये का बिल फर्जी मिला। इस आख्या के बाद डीएम ने लोकायुक्त को पत्र लिखते हुए मामले की जानकारी दी थी। ईओ पंकज कुमार के तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 19 अक्तूबर को सरकारी धन के गमन और उसका दुरुपयोग करने का केस दर्ज किया। छब्बीस दिन बाद गबन के आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बाबत कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि तलाश की जा रही। मिलते ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लोकायुक्त ने धन की वसूली का भी दिया था निर्देश
लोकायुक्त ने डीएम के भेजे पत्र में आरोपी चेयरमैन पर मुकदमा दर्ज कराकर सरकारी धन का गमन हुए रुपयों का वसूली करने का आदेश दिया था। मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया ,लेकिन गबन के आरोपी की आज तक गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी। सवाल यह कि जब गिरफ्तारी हुई नहीं तो धन कैसे वसूल किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। कोतवाली पुलिस ने ईओ की तहरीर पर छब्बीस दिन पूर्व मझौलीराज नगर पंचायत के चेयरमैन गौरीशंकर गुप्ता के खिलाफ सरकारी धन के गबन और दुरुपयोग के मामले केस दर्ज किया था। यह कार्रवाई लोकायुक्त के आदेश पर की गई थी। बावजूद इसके अब तक गबन के आरोपित चेयरमैन को पकड़ा नहीं जा सका।
मझौलीराज नगर पंचायत निवासी व भाजपा नेता रामध्यान पटेल ने वर्ष 2019 में नगर पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों की 11 बिंदुओं पर जांच कराने की शिकायत लोकायुक्त से की थी। इसके बाद लोकायुक्त के निर्देश पर डीएम ने जिला स्तरीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई। जांच टीम की दी गई आख्या के मुताबिक नगर पंचायत में बिजली के खंभे, हाईमास्ट, स्ट्रीट लाइट, तार आदि की खरीदारी में आंशिक कमी मिली थी। कूड़ा रखने के लिए खरीदी गई बाल्टी आदि में कुछ मामले सामने भी आए। पेट्रोल-डीजल, मिट्टी के तेल आदि में भी फर्जी खपत दिखाकर भुगतान की बात सामने आई।नाला, स्लैब, चहारदीवारी के निर्माण में निम्न स्तर की ईंट व अन्य सामग्री प्रयोग किए जाने की की पुष्टि हुई। कई जगहों पर इंटरलॉकिंग व सीसी रोड का निर्माण लोगों के व्यक्तिगत लाभ के लिए कराया गया था। इसमें करीब 12.75 लाख रुपये खर्च हुए थे। स्पीड ब्रेकर के नाम पर आठ लाख रुपये का बिल फर्जी मिला। इस आख्या के बाद डीएम ने लोकायुक्त को पत्र लिखते हुए मामले की जानकारी दी थी। ईओ पंकज कुमार के तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 19 अक्तूबर को सरकारी धन के गमन और उसका दुरुपयोग करने का केस दर्ज किया। छब्बीस दिन बाद गबन के आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बाबत कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि तलाश की जा रही। मिलते ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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लोकायुक्त ने धन की वसूली का भी दिया था निर्देश
लोकायुक्त ने डीएम के भेजे पत्र में आरोपी चेयरमैन पर मुकदमा दर्ज कराकर सरकारी धन का गमन हुए रुपयों का वसूली करने का आदेश दिया था। मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया ,लेकिन गबन के आरोपी की आज तक गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी। सवाल यह कि जब गिरफ्तारी हुई नहीं तो धन कैसे वसूल किया जाएगा।
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