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Deoria News: सरयू के नए पुल के एप्रोच गड्ढे में भरा बाढ़ का पानी, नए पुल का काम नहीं हो पा रहा शुरू
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बाढ़ का पानी नहीं निकलने से बन्द पड़ी मशीनें
भागलपुर। नवलपुर से सिकंदरपुर तक बनने वाली फोरलेन सड़क के लिए सरयू नदी पर भागलपुर में निर्माणाधीन नए पुल का निर्माण कार्य बाढ़ के बाद एप्रोच मार्ग के गड्ढे में पानी भर जाने से ठप हो गया है। इससे समय पर पुल चालू होने की लोगों की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं। पुराने पुल और कपरवार सेतु दोनों से भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बलिया और देवरिया को जोड़ने वाले भागलपुर के पुराने पुल से पिछले तीन साल से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। वहीं, कपरवार सेतु पर भी गड्ढा होने से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इन दोनों मार्गों के बंद होने से बिहार, कुशीनगर, देवरिया और नेपाल के लोगों को यात्रा और सामान ढुलाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों की बसें पुल पार नहीं कर पा रही हैं, जिससे लोगों को चौराहे पर उतरकर ई-रिक्शा से बलिया की ओर जाना पड़ता है। बेल्थरा रोड बाजार से भागलपुर आने वाली बसें बंद होने से बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में बच्चों की संख्या भी कम हो गई है। इसके अलावा, बालू और गिट्टी जैसे निर्माण सामग्री महंगे होने से भवन निर्माण की लागत बढ़ गई है और स्थानीय व्यापारियों का व्यवसाय आधा रह गया है। किसानों की उपज भी बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
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भंगल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश चंद्रा ने बताया कि बाढ़ का पानी आने और एप्रोच के गड्ढे में जलभराव के कारण फाउंडेशन और मिट्टी भराई का काम रुका है। पानी निकलते ही युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिसंबर 2027 तक पूरा होना है निर्माण
फोरलेन सड़क के लिए नए पुल का निर्माण भंगल कंपनी द्वारा इस साल जनवरी से शुरू किया गया था। अनुबंध के मुताबिक इसे मार्च 2028 तक पूरा करना है, लेकिन कंपनी ने दिसंबर 2027 तक ही कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, सरयू नदी में आई बाढ़ और पुराने पुल के एप्रोच मार्ग के गड्ढे में भरा पानी सबसे बड़ी बाधा बन गया है। पानी भरा होने से मजदूर और मशीनें खाली बैठी हैं, जिससे कंपनी को भी रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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बलिया और देवरिया को जोड़ने वाले भागलपुर के पुराने पुल से पिछले तीन साल से भारी वाहनों का आवागमन बंद है। वहीं, कपरवार सेतु पर भी गड्ढा होने से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इन दोनों मार्गों के बंद होने से बिहार, कुशीनगर, देवरिया और नेपाल के लोगों को यात्रा और सामान ढुलाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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यात्रियों की बसें पुल पार नहीं कर पा रही हैं, जिससे लोगों को चौराहे पर उतरकर ई-रिक्शा से बलिया की ओर जाना पड़ता है। बेल्थरा रोड बाजार से भागलपुर आने वाली बसें बंद होने से बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में बच्चों की संख्या भी कम हो गई है। इसके अलावा, बालू और गिट्टी जैसे निर्माण सामग्री महंगे होने से भवन निर्माण की लागत बढ़ गई है और स्थानीय व्यापारियों का व्यवसाय आधा रह गया है। किसानों की उपज भी बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
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भंगल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश चंद्रा ने बताया कि बाढ़ का पानी आने और एप्रोच के गड्ढे में जलभराव के कारण फाउंडेशन और मिट्टी भराई का काम रुका है। पानी निकलते ही युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिसंबर 2027 तक पूरा होना है निर्माण
फोरलेन सड़क के लिए नए पुल का निर्माण भंगल कंपनी द्वारा इस साल जनवरी से शुरू किया गया था। अनुबंध के मुताबिक इसे मार्च 2028 तक पूरा करना है, लेकिन कंपनी ने दिसंबर 2027 तक ही कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, सरयू नदी में आई बाढ़ और पुराने पुल के एप्रोच मार्ग के गड्ढे में भरा पानी सबसे बड़ी बाधा बन गया है। पानी भरा होने से मजदूर और मशीनें खाली बैठी हैं, जिससे कंपनी को भी रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है।