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Deoria News: प्रसूता की मौत मामले में चार झोलाछाप पर प्राथमिकी दर्ज
Wed, 03 Dec 2025 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 03 Dec 2025 11:51 PM IST
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सील तोड़कर अंदर से बंद कर ओपीडी चलाए जा रहे माधो छपरा अस्पताल का फोटो, स्रोत ग्रामीण
भाटपार रानी। खामपार थाना क्षेत्र के माधो छपरा गांव में मंगलवार को प्रसूता की ऑपरेशन के बाद हुई मौत के मामले में बुधवार को खामपार पुलिस ने चार झोलाछाप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लिया।
चारों करीब एक दशक से इस गांव में खुद को डॉक्टर बताते हुए अस्पताल चला रहे हैं। बुधवार को भी सील तोड़कर एक झोलाछाप यहां इलाज करने पहुंचा था। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल की जांच करने पहुंची तो वह भाग निकला।
पुलिस ने प्रसूता रीमा देवी के पति देवेंद्र यादव निवासी रामपुर चकरवा थाना भोरे जिला गोपालगंज बिहार की शिकायत पर माधो छपरा में चल रहे अवैध अस्पताल अंसारी सेवा सदन के चार संचालकों डॉ. एमएम अंसारी, डॉ. मन्नान अंसारी, डॉ. चंद्रशेखर और डॉ. आलिया सितारा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना में जुट गई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भाटपाररानी डॉ. इमाम हुसैन सिद्दीकी ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल सील किया गया था। बुधवार को सूचना मिली कि फिर सील तोड़कर अस्पताल चलाया जा रहा है। इसकी जांच के लिए टीम पहुंची इससे पहले ही आरोपी वहां से भाग गए थे।
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बता दें कि रामपुर चकरवा थाना भोरे जिला गोपालगंज बिहार निवासी देवेंद्र यादव की पत्नी रीमा देवी अपने मायके ग्राम नारायणपुर तिवारी थाना खामपार में रहती थीं। सोमवार की रात जब उन्हें प्रसव पीड़ा हुआ तो पति देवेंद्र ने रीमा देवी को माधो छपरा में संचालित इस अवैध अस्पताल ले गया। यहां से पहले से ही रीमा का इलाज चल रहा था। वहां रात में ही रीमा का ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया।
इसके थोड़ी देर बाद प्रसूता रीमा की हालत बिगड़ती देख चिकित्सक ने उन्हें एंबुलेंस से देवरिया भेज दिया। रीमा देवी की रास्ते में ही मौत हो गई। जब पति देवेंद्र यादव रीमा को लेकर पुनः अस्पताल आया तब तक सभी फरार हो गए थे। पति ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भाटपाररानी पीएचसी के प्रभारी डॉ. इमाम हुसैन सिद्दीकी को सूचना दी।
चिकित्सा प्रभारी ने अस्पताल सील कर दिया। पत्नी का अंतिम संस्कार करने के बाद पति ने थाने जाकर झोलाछाप के विरुद्ध नामजद तहरीर दी। इस पर पुलिस ने चार चिकित्सकों के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना में जुट गई है। सीओ भाटपार रानी अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि चार आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है। चारों फरार हैं।
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चारों करीब एक दशक से इस गांव में खुद को डॉक्टर बताते हुए अस्पताल चला रहे हैं। बुधवार को भी सील तोड़कर एक झोलाछाप यहां इलाज करने पहुंचा था। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल की जांच करने पहुंची तो वह भाग निकला।
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पुलिस ने प्रसूता रीमा देवी के पति देवेंद्र यादव निवासी रामपुर चकरवा थाना भोरे जिला गोपालगंज बिहार की शिकायत पर माधो छपरा में चल रहे अवैध अस्पताल अंसारी सेवा सदन के चार संचालकों डॉ. एमएम अंसारी, डॉ. मन्नान अंसारी, डॉ. चंद्रशेखर और डॉ. आलिया सितारा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना में जुट गई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भाटपाररानी डॉ. इमाम हुसैन सिद्दीकी ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल सील किया गया था। बुधवार को सूचना मिली कि फिर सील तोड़कर अस्पताल चलाया जा रहा है। इसकी जांच के लिए टीम पहुंची इससे पहले ही आरोपी वहां से भाग गए थे।
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बता दें कि रामपुर चकरवा थाना भोरे जिला गोपालगंज बिहार निवासी देवेंद्र यादव की पत्नी रीमा देवी अपने मायके ग्राम नारायणपुर तिवारी थाना खामपार में रहती थीं। सोमवार की रात जब उन्हें प्रसव पीड़ा हुआ तो पति देवेंद्र ने रीमा देवी को माधो छपरा में संचालित इस अवैध अस्पताल ले गया। यहां से पहले से ही रीमा का इलाज चल रहा था। वहां रात में ही रीमा का ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया।
इसके थोड़ी देर बाद प्रसूता रीमा की हालत बिगड़ती देख चिकित्सक ने उन्हें एंबुलेंस से देवरिया भेज दिया। रीमा देवी की रास्ते में ही मौत हो गई। जब पति देवेंद्र यादव रीमा को लेकर पुनः अस्पताल आया तब तक सभी फरार हो गए थे। पति ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भाटपाररानी पीएचसी के प्रभारी डॉ. इमाम हुसैन सिद्दीकी को सूचना दी।
चिकित्सा प्रभारी ने अस्पताल सील कर दिया। पत्नी का अंतिम संस्कार करने के बाद पति ने थाने जाकर झोलाछाप के विरुद्ध नामजद तहरीर दी। इस पर पुलिस ने चार चिकित्सकों के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना में जुट गई है। सीओ भाटपार रानी अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि चार आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है। चारों फरार हैं।