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Deoria News: पूर्व बीएसए शालिनी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना
Tue, 28 Jul 2026 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:45 PM IST
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बनकटा। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर राज्य सूचना आयोग ने जिले की तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पर जुर्माना लगाते हुए उनके वेतन से राशि वसूलने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए 25 हजार तथा लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष 17500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अहिरौली बघेल निवासी आनंद सिंह ने बीएसए कार्यालय और लखनऊ विकास प्राधिकरण को आवेदन देकर विभिन्न बिंदुओं पर सूचना मांगी थी।
तय समय में सूचना नहीं मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की थी। शिकायतकर्ता ने बीएसए कार्यालय से भाटपार रानी ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर सुभाष यादव के संबंध में तीन सूचनाएं मांगी थीं।
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इनमें हेड मास्टर सुभाष यादव कब से कब तक निलंबित थे, निलंबन अवधि में मिलने वाले वेतन के शासनदेश की कॉपी और वर्तमान में वेतन मिल रहा है या नहीं, मगर ये तीनों सूचना उपलब्ध नहीं कराई गईं।
सुनवाई में राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने तत्कालीन बीएसए और जन सूचना अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव पर आयोग के निर्देशों की अवहेलना एवं आयोग के समक्ष अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किए जाने पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
आयोग ने रजिस्ट्रार राज्य सूचना आयोग को निर्देशित किया है कि वे अर्थदंड की धनराशि तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के वेतन से नियमानुसार कटौती करें।
वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जनसूचना अधिकारी ने आयोग के समक्ष स्पष्टीकरण प्रस्तुत करनेमें शिथिलता बरती।
इस पर राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने 70 दिन का 250 रुपये प्रतिदिन के अनुसार 17500 का जुर्माना लगाते हुए रजिस्ट्रार को उनके वेतन से दो समान मासिक किस्तों में वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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बीएसए 25 हजार तथा लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष 17500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अहिरौली बघेल निवासी आनंद सिंह ने बीएसए कार्यालय और लखनऊ विकास प्राधिकरण को आवेदन देकर विभिन्न बिंदुओं पर सूचना मांगी थी।
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तय समय में सूचना नहीं मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की थी। शिकायतकर्ता ने बीएसए कार्यालय से भाटपार रानी ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर सुभाष यादव के संबंध में तीन सूचनाएं मांगी थीं।
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इनमें हेड मास्टर सुभाष यादव कब से कब तक निलंबित थे, निलंबन अवधि में मिलने वाले वेतन के शासनदेश की कॉपी और वर्तमान में वेतन मिल रहा है या नहीं, मगर ये तीनों सूचना उपलब्ध नहीं कराई गईं।
सुनवाई में राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने तत्कालीन बीएसए और जन सूचना अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव पर आयोग के निर्देशों की अवहेलना एवं आयोग के समक्ष अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किए जाने पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
आयोग ने रजिस्ट्रार राज्य सूचना आयोग को निर्देशित किया है कि वे अर्थदंड की धनराशि तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के वेतन से नियमानुसार कटौती करें।
वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जनसूचना अधिकारी ने आयोग के समक्ष स्पष्टीकरण प्रस्तुत करनेमें शिथिलता बरती।
इस पर राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने 70 दिन का 250 रुपये प्रतिदिन के अनुसार 17500 का जुर्माना लगाते हुए रजिस्ट्रार को उनके वेतन से दो समान मासिक किस्तों में वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।