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देवरिया: डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ट्रॉफी की स्थापना
Mon, 18 Apr 2022 10:17 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 Apr 2022 10:17 AM IST
सार
पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सेना ने देश के बहादुर सिपाही की याद में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह सिल्वर ट्राफी की स्थापना की है। यह ट्राफी तीनों सेनाओं में साहसी अधिकारियों की दी जाएगी।
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ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
देवरिया जिले के गौरव और रुद्रपुर की माटी के लाल रहे दिवंगत ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के सम्मान ने सरकार ने ट्रॉफी की स्थापना की है। यह ट्रॉफी डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के सबसे साहसी अधिकारी को दी जाएगी। 15 अप्रैल को दीक्षांत समारोह में सिल्वर की चमचमाती ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ट्राफी वेलिंगटन डीएसएससी को सौंपी गई। इस अवसर पर शहीद वरुण सिंह के माता, पिता, पत्नी और बच्चे मौजूद रहे।
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जिले के कन्हौली गांव के मूल निवासी रहे दिवंगत कैप्टन वरुण सिंह, पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह के भतीजे थे। वरुण आठ दिसंबर 21 को कुन्नूर हेलीकाप्टर हादसे का शिकार हो गए। उनके साथ चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सहित 12 अन्य लोगों का निधन हो गया था।
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हादसे के बाद वरुण सिंह का एक सप्ताह तक मौत से जूझने के बाद निधन हो गया। उन्हें शांतिकाल में साहसिक योगदान के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। तेजस विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद भी 20 हजार फिट से सफल लैंडिंग कराने के लिए राष्ट्रपति ने ग्रुप कैप्टन को शौर्य चक्र से नवाजा था।
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पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सेना ने देश के बहादुर सिपाही की याद में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह सिल्वर ट्राफी की स्थापना की है। यह ट्राफी तीनों सेनाओं में साहसी अधिकारियों की दी जाएगी। दिवंगत ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ट्राफी के स्थापना दिवस पर मौजूद उनके पिता कर्नल केपी सिंह, माता उमा देवी, पत्नी गीतांजलि का सिर फख्र से ऊंचा हो गया। वरुण के नाम पर सेना के सर्वोच्च सम्मान की घोषणा से क्षेत्र के लोग गर्व की अनुभूति कर रहे हैं।