{"_id":"570a95824f1c1b8b6ac81111","slug":"dpro-seeking-to-cancel-the-order","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीपीआरओ का आदेश निरस्त करने की मांग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीपीआरओ का आदेश निरस्त करने की मांग
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
दाखिले निरस्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम प्रधानों के अकाउंट पर रोक के विरोध में एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को जिलाधिकारी से मिला। एमएलसी रामअवध यादव ने उनसे डीपीआरओ के आदेश को निरस्त कर प्रकरण से अवगत कराने की बात कही। इसके बाद जिलाधिकारी ने सीडीओ को मामले के निस्तारण का निर्देश दिया।
पंचायती राज संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र ने बताया कि चार अप्रैल को डीपीआरओ ने अव्यवहारिक आदेश जारी कर दिया, जिसमें प्रत्येक कार्य को प्रमाणित करने का कार्य डीपीआरओ खुद करेंगे। ग्राम सभाओं को 13वां, 14वां और राज्य वित्त के तहत कार्य कराना है। वर्क का प्रमाण पत्र डीपीआरओ बैंक को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद भुगतान हो सकेगा। ग्राम प्रधानों का दावा है कि शासनादेश की गलत व्याख्या की जा रही है। यह ग्राम प्रधानों पर बेवजह दबाव बनाने की कोशिश है। प्रतिनिधिमंडल में अच्युतानन तिवारी, राजेश यादव, सुरेंद्र सिंह, रामप्रताप सिंह, मदन मोहन गुप्त, समरनाथ यादव, दिलीप गुप्त, अनिरुद्ध यादव, छोटेलाल यादव आदि ग्राम प्रधान शामिल रहे।
विज्ञापन
पंचायती राज संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र ने बताया कि चार अप्रैल को डीपीआरओ ने अव्यवहारिक आदेश जारी कर दिया, जिसमें प्रत्येक कार्य को प्रमाणित करने का कार्य डीपीआरओ खुद करेंगे। ग्राम सभाओं को 13वां, 14वां और राज्य वित्त के तहत कार्य कराना है। वर्क का प्रमाण पत्र डीपीआरओ बैंक को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद भुगतान हो सकेगा। ग्राम प्रधानों का दावा है कि शासनादेश की गलत व्याख्या की जा रही है। यह ग्राम प्रधानों पर बेवजह दबाव बनाने की कोशिश है। प्रतिनिधिमंडल में अच्युतानन तिवारी, राजेश यादव, सुरेंद्र सिंह, रामप्रताप सिंह, मदन मोहन गुप्त, समरनाथ यादव, दिलीप गुप्त, अनिरुद्ध यादव, छोटेलाल यादव आदि ग्राम प्रधान शामिल रहे।
विज्ञापन