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Deoria News: ब्योरा देने में सुस्ती बरत रहे विभाग, कैसे हो नए वार्डों का समुचित विकास

Thu, 13 Jul 2023 12:37 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:37 AM IST
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Departments are lax in giving details, how should there be proper development of new wards
एसडीएम, डीपीआरओ व जल निगम के एक्सईएन बरत रहे सुस्ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका परिषद देवरिया के सीमा विस्तार में शामिल 23 गांव न इधर के रहे न उधर के। ग्राम पंचायत से कराए जाने वाले कार्य नौ माह पहले ठप कर दिए गए। विकास की जिम्मेदारी नगर पालिका पर आई है तो तीन विभागों की सुस्ती के कारण नव सृजित वार्डों के समुचित विकास में रोड़ा अटका हुआ है। एसडीएम के यहां ग्राम सभाओं की परिसंपत्तियों पर नगर पालिका का नाम दर्ज नहीं हो रहा है। पंचायत राज विभाग पंचायत भवन व जल निगम के अधिकारी नल जल योजना का ब्योरा नहीं दे रहे हैं।
इसके चलते पेयजल सुविधा मुहैया कराने, वाहन पार्किंग स्थल बनाने, खेल मैदान, तालाब व पार्काें का जीर्णोंद्धार, अस्थाई कूड़ा डंपिंग ग्राउंड, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, जोन कार्यालय खोलने आदि कार्यों में अड़चन आ रही है। नवसृजित वार्ड की भू-संपत्तियों पर नगर पालिका का नाम होना जरूरी है। तभी पालिका स्थल विकास के नाम पर शासन से बजट की मांग कर पाएगी। इसके लिए नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह ने एक माह पूर्व एसडीएम को पत्र भेजा था। अब तक संपत्तियों पर नगर पालिका का नाम दर्ज नहीं हो पाया है। सबसे ज्यादा सुस्ती जल निगम की ओर से बरती जा रही है। सितंबर 2022 से ही नगर पालिका जल निगम से पानी की टंकियों व पेयजल कनेक्शन का ब्योरा मांग रही है। दो बार अनुस्मारक भेजने के बाद भी जल निगम ने नल जल योजना के तहत कराए गए कार्यों का ब्योरा नहीं दिया है। इससे पेयजल कनेक्शन से वंचित परिवारों तक पानी पहुंचाने का प्रस्ताव तैयार नहीं हो पा रहा है। नगर पालिका पंचायत भवनों को जोन कार्यालय बनाना चाहती है। यहां सफाई व निर्माण के उपकरण के साथ कर्मचारियों की तैनाती की जानी है। स्थानीय लोगों के कागजी काम भी जोन कार्यालय के माध्यम से कराए जाने हैं ताकि नगर पालिका कार्यालय तक दौड़ न लगानी पड़े। पंचायत भवनों को हेंडओवर करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से पंचायत राज विभाग को पत्र भेजा गया है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।
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जन्म मृत्यु रजिस्टर न होने से परेशानी
अब नगर पालिका में शामिल 23 गांवों के लोेगों का जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका से जारी होना है। इसके लिए नगर पालिका के पास ग्राम पंचायतों की ओर से जारी किए गए जन्म मृत्यु प्रमाण पत्रों का रजिस्टर होना जरूरी है। दोबारा प्रमाण पत्र जारी न हो जाए इसके लिए पालिका के कर्मचारी ब्लाक से लिखवाकर लाने की बात कह रहे हैं। लोगों काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। नगर पालिका को ग्राम पंचायतों ने अभी रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि इसके लिए कई बार पत्र लिखा गया है।
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शहरी बनकर हो रही परेशानी
नगर पालिका कार्यालय में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे दानोपुर निवासी बृजेश पांडेय का कहना था कि भतीजे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 15 दिन से चक्कर काट रहा हूं। यहां के कर्मचारी कह रहे हैं कि ब्लाॅक से लिखवाकर ले आईए कि प्रमाणपत्र पूर्व में जारी नहीं हुआ है। इसी तरह की पीड़ा पिपरपाती निवासी गोविंद यादव की थी।
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60 हजार आबादी को है विकास की आस
सितंबर 2022 में नगर पालिका परिषद देवरिया के सीमावर्ती 23 गांव की करीब 60 हजार आबादी को शामिल कर आठ वार्डाें का विस्तार किया गया। इनमें धनौती खुर्द, सकरापार, देवरिया खास,तिलई बेलवा, परसिया उर्फ खरजरवा, रघवापुर, भीमपुर डंभर उर्फ जटमलपुर, पगरा उर्फ परसियां, बरवा गोरस्थान, बड़हरा, चिंतामन चक, पिपरपाती, गोबराई खास, मेहड़ा नगर बाहर, मुड़ाडीह, बभनी नगर बाहर, रामपुर खुर्द, पिड़रा, कतरारी, दानोपुर, सोंदा, कठिनइया गांव, भरौली बाजार, अमेठी शामिल हैं।
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मुझे नगर पालिका के पत्र की जानकारी नहीं
मुझे नगर पालिका से आए पत्र के बारे में जानकारी नहीं है। पटल बाबू को बुलाकर पूछता हूं। पंचायत भवन हैंडओवर के संबंध में जो भी प्रक्रिया रह गई होगी उसे शीघ्र पूरा करा दिया जाएगा। - सर्वेश कुमार पांडेय, डीपीआरओ।
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जल्द उपलब्ध करा दूंगा ब्योरा
नल जल योजना के कार्यों का ब्यौरा शीघ्र नगर पालिका को भेज दिया जाएगा। पत्र आने के संबंध में मुझे जानकारी नहीं थी। इसके बारे में मैं पटल लिपिक से बात करता हूं। - अखिल आनंद, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण।

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वर्जन
एसडीएम को परिसंपत्तियों पर नाम चढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया है। नाम दर्ज नहीं होने से खेल मैदान, तालाबों का जीर्णोद्धार, पार्क आदि निर्माण कार्य के प्रस्ताव नहीं बन पा रहे हैं। पंचायत भवन हैंडओवर के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को लिखा गया है। जल निगम से नल जल योजना का ब्यौरा मांगा गया है। अभी तक किसी ने कार्रवाई पूरी नहीं की है। - अलका सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद देवरिया।
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