देवरिया नरसंहार: 'मेरे बाबू को जन्मदिन के दिन मार डाला गया, पूरा परिवार खत्म हो गया', सीएम योगी से की ये मांग
देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली इलाके के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी। सबसे छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल है।
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पर सोमवार की सुबह पूरे परिवार को मार डाला गया। सरकार से मेरी मांग है कि हत्यारोपियों को फांसी की सजा दी जाए और मेरे और भाई के जीविकोपार्जन के लिए सरकारी नौकरी की व्यवस्था की जाए।
आपको बता दें कि देवरिया के फतेहपुर के लेहड़ा टोले पर सोमवार की सुबह पौ फटते ही कोहराम मच गया। एक हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने प्रतिशोध में पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया। जो, जहां मिला, उसे वहीं मार-काटकर मौत की नींद सुला दिया गया।
महज 30 मिनट के भीतर ही सत्यप्रकाश दुबे के घर में छह लाशें बिछ गईं। पुलिस के पहुंचने पर बगीचे के बीच स्थित सत्य प्रकाश दूबे के मकान से छह लाश निकलीं तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। घर के अंदर हर ओर और दरवाजे तक बिखरा खून घटना की भयावहता को दर्शा रहा था।
एक परिवार के पांच लोगों समेत छह की हत्या
आपको बता दें कि देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी।
सबसे छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल है। मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों त्वरित सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके बाद दोपहर होते-होते प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार हेलीकॉप्टर से देवरिया पुलिस लाइंस पहुंच गए।
देवरिया के फतेहपुर के अभयपुर टोला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव (45) का उसी गांव के लेड़हा टोला निवासी सत्यप्रकाश दुबे से लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। सत्यप्रकाश के भाई ज्ञानप्रकाश ने अपने हिस्से की दस बीघा जमीन प्रेमचंद यादव को बैनामा कर दी है। विवाद की जड़ यह जमीन ही है जिसपर एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में चल रहा है।