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Deoria News: खत्म हुआ इंतजार, अब शहर के सुनियोजित विकास को मिलेगी गति
Fri, 13 Sep 2024 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 13 Sep 2024 01:53 AM IST
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देवरिया। अनियोजित विकास की राह चल रहा अपना शहर अब सुनियोजित विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। इसके लिए महायोजना 2031 के प्रारुप को शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने दी। उन्होंने बताया कि नियत प्राधिकारी कार्यालय देवरिया के डिसप्ले बोर्ड पर या एनआईसी के वेबसाइट पर स्वीकृत पुनरीक्षित देवरिया महायोजना-2031 का अवलोकन किया जा सकता है।
बता दें कि अमृत योजना के तहत महायोजना-2031 के लिए सर्वेक्षण का कार्य करीब पांच साल से चल रहा था। नामित संस्था कंसल्टेंट महायोजना 2031 का नक्शा तैयार करके समस्त विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक कराकर उनसे महायोजना के लिए सुझाव लिया। इसके बाद जो प्रोजेक्ट है उसे मास्टर प्लान के नक्शे में शामिल किया गया। इसके उपरांत रिपोर्ट नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र को भेजी गई। शासन से शहर में महायोजना 2031 लागू करने की स्वीकृति मिल गई है।
उद्यमियों को एनओसी लेने में होती है परेशानी
देवरिया देवरिया विनियमित क्षेत्र में सभी विकास कार्य मास्टर प्लान 2001 के हिसाब से हो रहे थे। जो अब सिर्फ नाम का रह गया है। ज्यादातर निर्माण कार्य नक्शे को दरकिनार करके हुए हैं। गली-मोहल्ले तो दूर, मुख्य मार्गों की वास्तविकता नक्शा के अनुरूप धरातल पर मेल नहीं खा रही। मास्टर प्लान की अनदेखी का व्यापक असर उद्योग और व्यवसाय पर भी पड़ा है। नक्शे में जो एरिया उद्योग के लिए दर्शाए गए थे, वहां आवासीय कॉलोनियां बस गई हैं। अलग-अलग इलाकों में उद्योग लगाने पर उद्यमियों को एनओसी लेने में परेशानी होती है।
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यह है विनियमित क्षेत्र का दायरा
वर्तमान समय में विनियमित क्षेत्र के दायरे में नगर पालिका समेत 73 राजस्व गांव हैं। 1980 में जब मास्टर प्लान लागू हुआ, उस दौरान विनियमित क्षेत्र में नगर पालिका के अलावा 68 राजस्व गांव शामिल हुए थे। बाद में सझयां, गुडरी, टंडवा, सोपरी आदि पांच गांवों को विनियमित क्षेत्र में जोड़ा गया।
क्या है महायोजना-2031
शहरों के सुनियोजित विकास के लिए शासन ने विनियमित क्षेत्र निर्धारित किया है। इस परिधि में जो भी भवन निर्माण या विकास कार्य कराए जाएंगे उनमें महायोजना-2031 के नक्शे का पालन करना अनिवार्य होगा। नक्शे में आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक व कृषि क्षेत्र निर्धारित किया जाता है। इसके अलावा महायोजना तैयार करते समय शहर की जनसंख्या अनुपात के हिसाब से स्कूल, कॉलेज, थाने, पुलिस चौकी, स्वास्थ्य केंद्र, पार्क, खेल मैदान आदि की आवश्यकताओं पर ध्यान देते हुए निर्धारित अवधि तक कार्य किया जाता है।
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कोट
अमृत योजना के तहत महायोजना-2031 के लिए स्वीकृति मिल गई है। विस्तृत जानकारी के लिए नियत प्राधिकारी कार्यालय देवरिया के डिस्प्ले बोर्ड पर या एनआईसी के वेबसाइट पर स्वीकृत पुनरीक्षित देवरिया महायोजना-2031 का अवलोकन किया जा सकता है। महायोजना लागू होने से देवरिया शहर का सुनियोजित विकास होगा।
दिव्या मित्तल, जिलाधिकारी
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बता दें कि अमृत योजना के तहत महायोजना-2031 के लिए सर्वेक्षण का कार्य करीब पांच साल से चल रहा था। नामित संस्था कंसल्टेंट महायोजना 2031 का नक्शा तैयार करके समस्त विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक कराकर उनसे महायोजना के लिए सुझाव लिया। इसके बाद जो प्रोजेक्ट है उसे मास्टर प्लान के नक्शे में शामिल किया गया। इसके उपरांत रिपोर्ट नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र को भेजी गई। शासन से शहर में महायोजना 2031 लागू करने की स्वीकृति मिल गई है।
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उद्यमियों को एनओसी लेने में होती है परेशानी
देवरिया देवरिया विनियमित क्षेत्र में सभी विकास कार्य मास्टर प्लान 2001 के हिसाब से हो रहे थे। जो अब सिर्फ नाम का रह गया है। ज्यादातर निर्माण कार्य नक्शे को दरकिनार करके हुए हैं। गली-मोहल्ले तो दूर, मुख्य मार्गों की वास्तविकता नक्शा के अनुरूप धरातल पर मेल नहीं खा रही। मास्टर प्लान की अनदेखी का व्यापक असर उद्योग और व्यवसाय पर भी पड़ा है। नक्शे में जो एरिया उद्योग के लिए दर्शाए गए थे, वहां आवासीय कॉलोनियां बस गई हैं। अलग-अलग इलाकों में उद्योग लगाने पर उद्यमियों को एनओसी लेने में परेशानी होती है।
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यह है विनियमित क्षेत्र का दायरा
वर्तमान समय में विनियमित क्षेत्र के दायरे में नगर पालिका समेत 73 राजस्व गांव हैं। 1980 में जब मास्टर प्लान लागू हुआ, उस दौरान विनियमित क्षेत्र में नगर पालिका के अलावा 68 राजस्व गांव शामिल हुए थे। बाद में सझयां, गुडरी, टंडवा, सोपरी आदि पांच गांवों को विनियमित क्षेत्र में जोड़ा गया।
क्या है महायोजना-2031
शहरों के सुनियोजित विकास के लिए शासन ने विनियमित क्षेत्र निर्धारित किया है। इस परिधि में जो भी भवन निर्माण या विकास कार्य कराए जाएंगे उनमें महायोजना-2031 के नक्शे का पालन करना अनिवार्य होगा। नक्शे में आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक व कृषि क्षेत्र निर्धारित किया जाता है। इसके अलावा महायोजना तैयार करते समय शहर की जनसंख्या अनुपात के हिसाब से स्कूल, कॉलेज, थाने, पुलिस चौकी, स्वास्थ्य केंद्र, पार्क, खेल मैदान आदि की आवश्यकताओं पर ध्यान देते हुए निर्धारित अवधि तक कार्य किया जाता है।
कोट
अमृत योजना के तहत महायोजना-2031 के लिए स्वीकृति मिल गई है। विस्तृत जानकारी के लिए नियत प्राधिकारी कार्यालय देवरिया के डिस्प्ले बोर्ड पर या एनआईसी के वेबसाइट पर स्वीकृत पुनरीक्षित देवरिया महायोजना-2031 का अवलोकन किया जा सकता है। महायोजना लागू होने से देवरिया शहर का सुनियोजित विकास होगा।
दिव्या मित्तल, जिलाधिकारी