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Deoria News: बंदी की कगार पर उर्वरक बिक्री केंद्र, दो माह मिला सिर्फ 24 बोरा यूरिया
Sun, 08 Sep 2024 04:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 08 Sep 2024 04:18 AM IST
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देवरिया। जनपद में स्थित सहकारिता विभाग के उर्वरक बिक्री केंद्र (आईएफएफडीसी) को दो माह में सिर्फ चौबीस बोरे यूरिया का आवंटन जिला कृषि अधिकारी ने किया है। सहकारिता विभाग में पैक्स को छोड़कर लगभग सौ उर्वरक बिक्री केंद्र जो इफको द्वारा संचालित है। इन बिक्री केंद्रों के प्रभारियों के अजीवीका का साधन उर्वरक बिक्री से प्राप्त कमीशन ही है। प्रति बोरी यूरिया की बिक्री से लगभग चौबीस रुपये कमीशन प्राप्त होता है।
इसमें से प्रति बोरी ढुलाई के लिए लगभग तेरह रुपये भाड़ा दिया जाता है। न्यूनतम तीन रुपये हैंडलिंग में खर्च हो जाता है। इस प्रकार प्रति बोरी आठ रुपये बचत होती है। इन केंद्रों को एक अभियान से इसी रफ्तार से उर्वरक का आपूर्ति होती रही तो वह दिन दूर नहीं जब इनके केंद्र के प्रभारी भुखमरी के कगार पर न पहुंच जाएं। सहकारिता विभाग के अतिरिक्त निजी क्षेत्र में उर्वरक वितरण का लक्ष्य सहकारिता विभाग से अधिक होने के बावजूद भी निजी क्षेत्रों की उर्वरक वितरण के लिए केंद्रवार आवंटन नहीं किया जाता है, जिससे निजी क्षेत्र की उर्वरक की आपूर्ति कहा होती है। इसका पता भी नहीं चल पाता है। आईएफएफडीसी प्रभारियों ने बताया है कि अगर यही हाल रहा तो हम लोगों को अपना लाइसेंस जिला प्रशासन को सरेंडर करना पड़ सकता है।
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इसमें से प्रति बोरी ढुलाई के लिए लगभग तेरह रुपये भाड़ा दिया जाता है। न्यूनतम तीन रुपये हैंडलिंग में खर्च हो जाता है। इस प्रकार प्रति बोरी आठ रुपये बचत होती है। इन केंद्रों को एक अभियान से इसी रफ्तार से उर्वरक का आपूर्ति होती रही तो वह दिन दूर नहीं जब इनके केंद्र के प्रभारी भुखमरी के कगार पर न पहुंच जाएं। सहकारिता विभाग के अतिरिक्त निजी क्षेत्र में उर्वरक वितरण का लक्ष्य सहकारिता विभाग से अधिक होने के बावजूद भी निजी क्षेत्रों की उर्वरक वितरण के लिए केंद्रवार आवंटन नहीं किया जाता है, जिससे निजी क्षेत्र की उर्वरक की आपूर्ति कहा होती है। इसका पता भी नहीं चल पाता है। आईएफएफडीसी प्रभारियों ने बताया है कि अगर यही हाल रहा तो हम लोगों को अपना लाइसेंस जिला प्रशासन को सरेंडर करना पड़ सकता है।
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