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जयप्रकाश का शव दरवाजे पर रखकर प्रदर्शन, 33 पर केस दर्ज
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इटहुआ चंदौली में मृतक के परिवार वालों से बात बात करते सांसद रविंद्र कुशवाहा विधायक
- फोटो : SALEMPUR
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जयप्रकाश का शव दरवाजे पर रखकर प्रदर्शन, 33 पर केस दर्ज
सांसद-विधायक के आश्वासन पर अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए लोग, प्रधान को भी लोगों ने पीटा
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। जयप्रकाश कुशवाहा का शव रविवार को घर पहुंचते ही इटहुआ चंदौली गांव के झम्मन टोला का माहौल गरमा गया। जयप्रकाश के परिजनों व पक्ष के गुस्साए लोगों ने दरवाजे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। सीएम को बुलाने, बेटे को नौकरी और परिवार को मुआवजा की मांग करने लगे। इसी बीच वहां पहुंचे प्रधान की गुस्साए लोगों ने पिटाई कर दी। आरोपियों के वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए। सांसद-विधायक के आश्वासन पर घरवाले माने और अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इस मामले में पुलिस ने पुलिस ने 21 नामजद और 12 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
कोतवाली क्षेत्र के इटहुआ चंदौली के झम्मन टोला में शनिवार को गांव के कुछ लोगों ने लाठी-डंडे और रॉड से पीटकर जयप्रकाश कुशवाहा को मार डाला था। घटना में चार अन्य घायल हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव गांव पहुंचा। यहां घरवाले व पक्ष के लोग दाह संस्कार करने से मना कर प्रदर्शन करने लगे। इसी प्रधान कपिलदेव भी वहां पहुंचे। उन्हें देखकर गुस्साए लोग उग्र हो गया और उनकी पिटाई कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से लोग शांत हुआ। सांसद रविंद्र कुशवाहा व विधायक काली प्रसाद परिवार वालों से वार्ता कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग माने। जयप्रकाश की बेटी के आने के बाद शाम को शव का अंतिम संस्कार भागलपुुर नदी तट पर हुआ।
वहीं गांव में तनाव को देखते हुए एएसपी शिष्यपाल, एडीएम राकेश पटेल, सीओ वरुण मिश्रा, प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार, जयनाथ कुशवाहा समेत भाजपा और हियुवा नेता जमे रहे। सीओ ने बताया कि जयप्रकाश के बेटे की तहरीर पर हत्या, प्राणघातक हमला, घर में घुसकर मारपीट समेत कई गंभीर धाराओं मेें केस दर्ज कर लिया गया है। 11 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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इन लोगों पर दर्ज हुआ केस
आमिर, शारिक, अरसद, इस्तयाक,शफीक, नूूूर मोहम्मद, किताबुुदीन, कयामुदीन, वकील, मुस्ताक, शब्बीर, सोहराब, दिलशाद, राजू, इरशाद अंसारी, शहाबुदीन, परवेज, फैयाज अंसारी, इस्लाम, अमीना खातून, साहिला खातून समेत 12 अज्ञात लोग शामिल हैं।
निरस्त होगा बंदूक का लाइसेंस
देवरिया। मारपीट के दौरान हमलावर पक्ष के लोगों ने लाइसेंसी बंदूक निकालकर लहराई। पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक कब्जे में ले ली है। प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
आरोपियों और जयप्रकाश में कई बार हो चुका है विवाद
जयप्रकाश कुशवाहा और आरोपियों के बीच पहले भी कई बार विवाद की स्थिति बनी थी। गांव वालों की मौजूदगी में पंचायत में मामला सुलझ गया था। जयप्रकाश पुलिस से शिकायत करने से बचता था। क्योंकि वह बेटे पुलिस भर्ती की तैयारी करते थे। गांव के लोगों के अनुसार, जयप्रकाश मिलनसार प्रवृति के थे। इसकी हत्या की खबर सुनते ही सब सन्न रह गए। किसी को यह अंदेशा नहीं था कि मामूली बात पर उपद्रवी इसकी जान ले लेंगे। इस घटना से गांव वालों में आक्रोश है। तनाव को देखते हुए एक प्लाटून पीएसी के अलावा कई थानों की पुलिस गांव में कैंप कर रही है। घटना के बाद पहुंचे एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के सामने परिवार की महिलाएं रो-रोकर न्याय की मांग करने लगीं।
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सांसद-विधायक के आश्वासन पर अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए लोग, प्रधान को भी लोगों ने पीटा
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। जयप्रकाश कुशवाहा का शव रविवार को घर पहुंचते ही इटहुआ चंदौली गांव के झम्मन टोला का माहौल गरमा गया। जयप्रकाश के परिजनों व पक्ष के गुस्साए लोगों ने दरवाजे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। सीएम को बुलाने, बेटे को नौकरी और परिवार को मुआवजा की मांग करने लगे। इसी बीच वहां पहुंचे प्रधान की गुस्साए लोगों ने पिटाई कर दी। आरोपियों के वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए। सांसद-विधायक के आश्वासन पर घरवाले माने और अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इस मामले में पुलिस ने पुलिस ने 21 नामजद और 12 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
कोतवाली क्षेत्र के इटहुआ चंदौली के झम्मन टोला में शनिवार को गांव के कुछ लोगों ने लाठी-डंडे और रॉड से पीटकर जयप्रकाश कुशवाहा को मार डाला था। घटना में चार अन्य घायल हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव गांव पहुंचा। यहां घरवाले व पक्ष के लोग दाह संस्कार करने से मना कर प्रदर्शन करने लगे। इसी प्रधान कपिलदेव भी वहां पहुंचे। उन्हें देखकर गुस्साए लोग उग्र हो गया और उनकी पिटाई कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से लोग शांत हुआ। सांसद रविंद्र कुशवाहा व विधायक काली प्रसाद परिवार वालों से वार्ता कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग माने। जयप्रकाश की बेटी के आने के बाद शाम को शव का अंतिम संस्कार भागलपुुर नदी तट पर हुआ।
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वहीं गांव में तनाव को देखते हुए एएसपी शिष्यपाल, एडीएम राकेश पटेल, सीओ वरुण मिश्रा, प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार, जयनाथ कुशवाहा समेत भाजपा और हियुवा नेता जमे रहे। सीओ ने बताया कि जयप्रकाश के बेटे की तहरीर पर हत्या, प्राणघातक हमला, घर में घुसकर मारपीट समेत कई गंभीर धाराओं मेें केस दर्ज कर लिया गया है। 11 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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इन लोगों पर दर्ज हुआ केस
आमिर, शारिक, अरसद, इस्तयाक,शफीक, नूूूर मोहम्मद, किताबुुदीन, कयामुदीन, वकील, मुस्ताक, शब्बीर, सोहराब, दिलशाद, राजू, इरशाद अंसारी, शहाबुदीन, परवेज, फैयाज अंसारी, इस्लाम, अमीना खातून, साहिला खातून समेत 12 अज्ञात लोग शामिल हैं।
निरस्त होगा बंदूक का लाइसेंस
देवरिया। मारपीट के दौरान हमलावर पक्ष के लोगों ने लाइसेंसी बंदूक निकालकर लहराई। पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक कब्जे में ले ली है। प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
आरोपियों और जयप्रकाश में कई बार हो चुका है विवाद
जयप्रकाश कुशवाहा और आरोपियों के बीच पहले भी कई बार विवाद की स्थिति बनी थी। गांव वालों की मौजूदगी में पंचायत में मामला सुलझ गया था। जयप्रकाश पुलिस से शिकायत करने से बचता था। क्योंकि वह बेटे पुलिस भर्ती की तैयारी करते थे। गांव के लोगों के अनुसार, जयप्रकाश मिलनसार प्रवृति के थे। इसकी हत्या की खबर सुनते ही सब सन्न रह गए। किसी को यह अंदेशा नहीं था कि मामूली बात पर उपद्रवी इसकी जान ले लेंगे। इस घटना से गांव वालों में आक्रोश है। तनाव को देखते हुए एक प्लाटून पीएसी के अलावा कई थानों की पुलिस गांव में कैंप कर रही है। घटना के बाद पहुंचे एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के सामने परिवार की महिलाएं रो-रोकर न्याय की मांग करने लगीं।