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पति से विवाद पर उठाया आत्मघाती कदम
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sat, 18 Jun 2016 10:54 PM IST
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सरोज के मायके में पसरा सन्नाटा, दरवाजे में बैठी गमजदा महिलाएं
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दो बच्चियों के साथ ट्रेन के सामने कूदकर जान देने वाली महिला की पहचान खुखुन्दू के पिपरा खेमकरन गांव निवासी हरेराम की पत्नी सरोज के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार पति से विवाद होने के बाद महिला ने आत्मघाती कदम उठाया था। मामले की जानकारी होने पर मायके और ससुराल वालों में कोहराम मच गया।
भटनी के नोनापार गांव के खौरा टोला निवासी बटोही राजभर ने दस वर्ष पूर्व खुखुन्दू के पिपरा खेमकरन गांव निवासी हरेराम राजभर के साथ अपनी बेटी सरोज की शादी की थी। उनकी तीन बच्चियां थी। सरोज का पति और सास से अक्सर विवाद हुआ करता था। दस दिन पूर्व विवाद होने पर अपनी बच्चियों को लेकर सरोज मायके चली गई थी। चार दिन पहले उसका पति हरेराम खौरा टोला गया और दोबारा विवाद नहीं होने की बात कहकर उसे अपने साथ लेकर घर आया। उसकी बड़ी बेटी आंचल अपने ननिहाल में रूक गई।
हरेराम ने स्वीकारा कि बृहस्पतिवार की रात फिर से उसका पत्नी से विवाद हो गया। इसके बाद सरोज अपनी बच्चियों को लेकर भोर में घर से निकल गई। सुबह लोगों ने उसकी तलाश की। लेकिन पता नहीं चला। समाचार पत्रों में खबर पढ़ने के बाद हरेराम और सरोज के मायके वाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और लाशों की पहचान की। जीआरपी ने कागजी कार्रवाई के बाद लाशों को ससुराल वालों को सुपुर्द कर दिया। भटनी के जीआरपी एसओ ने बताया कि लाशों की पहचान हो गई है। गृहकलह से परेशान होकर महिला ने जान दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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भटनी के नोनापार गांव के खौरा टोला निवासी बटोही राजभर ने दस वर्ष पूर्व खुखुन्दू के पिपरा खेमकरन गांव निवासी हरेराम राजभर के साथ अपनी बेटी सरोज की शादी की थी। उनकी तीन बच्चियां थी। सरोज का पति और सास से अक्सर विवाद हुआ करता था। दस दिन पूर्व विवाद होने पर अपनी बच्चियों को लेकर सरोज मायके चली गई थी। चार दिन पहले उसका पति हरेराम खौरा टोला गया और दोबारा विवाद नहीं होने की बात कहकर उसे अपने साथ लेकर घर आया। उसकी बड़ी बेटी आंचल अपने ननिहाल में रूक गई।
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हरेराम ने स्वीकारा कि बृहस्पतिवार की रात फिर से उसका पत्नी से विवाद हो गया। इसके बाद सरोज अपनी बच्चियों को लेकर भोर में घर से निकल गई। सुबह लोगों ने उसकी तलाश की। लेकिन पता नहीं चला। समाचार पत्रों में खबर पढ़ने के बाद हरेराम और सरोज के मायके वाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और लाशों की पहचान की। जीआरपी ने कागजी कार्रवाई के बाद लाशों को ससुराल वालों को सुपुर्द कर दिया। भटनी के जीआरपी एसओ ने बताया कि लाशों की पहचान हो गई है। गृहकलह से परेशान होकर महिला ने जान दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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