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दोहरे हत्याकांड के आरोपी भेजे जेल गए
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:31 PM IST
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दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी छोटू और दयाशंकर।
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देवरिया में सगे भाइयों के खून से हाथ रंगने वाले मुख्य आरोपी अपने सगे भाई के साथ पुलिस के शिकंजे में आ गया। हत्या में शामिल चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। हत्या करने के बाद मुख्य आरोपी भाई के साथ लार थानाक्षेत्र के मझवलिया में शरण लिए हुए था। डबल मर्डर करने के बाद भी कातिलों के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि बहन के उकसाने पर आरोपी छोटू ने दोनों भाइयों की तलवार घोंप कर हत्या की थी।
रविवार की रात सदर कोतवाली थानाक्षेत्र के फुलवरिया करन गांव में गेहूं काटने का लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। गांव के रहने वाले कुछ लोगों ने शिक्षक अनिल कुमार तिवारी और भाई चंद्रमोहन को तलवार घोप कर मार डाला था। डबल मर्डर के बाद मृतक के चाचा शुभनरायन तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने डबल मर्डर में दयाशंकर, छोटू, चंद्रमा प्रसाद और बालेश्वर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
चंद्रमा और बालेश्वर को पुलिस वारदात की रात को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि हत्या में मुख्य आरोपी छोटू और दयाशंकर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की टीम ने मझवलिया गांव में दबिश देकर छोटू और दयाशंकर को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया।
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पुलिस की पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी छोटू ने बताया कि रविवार की रात अनिल, चंद्रमोहन खेत में गेहूं कटवा रहे थे। मेरा भाई दयाशंकर, मां और बहन भी खेत में गए थे। अनिल तिवारी के खेत के बगल में मेरा खेत था। भाई उसी को कटवाना चाहता था। खेत में भाई दयाशंकर को अकेला पाकर दोनों भाइयों ने पीट दिया और मां, बहन की गाली देने लगे। मै घर पर था। विवाद की सूचना मेरी बहन ने मुझे घर पर आकर दी। घर में रखा तलवार लेकर मै मौके पर पहुंचा और सीधे चंद्रमोहन की पीठ में घोंप दिया। वह तड़पकर नीचे गिर गया।
दूसरा वार अनिल तिवारी के गले के अंदर कर दिया। विवाद के दौरान भाई दयाशंकर के अलावा मां और बहन भी मौजूद थी। दोनों सड़क पर तड़प रहे थे अंदाजा नहीं था कि दोनों मर जाएंगे। इसीलिए उनकी मां को हमले की जानकारी दे दिया था। ताकि जाकर लोग इलाज करा सके। आरोपी छोटू से जिस सहजता के साथ डबल मर्डर की कहानी पुलिस को बताई उनके होश उड़ गए। हत्या करने के बाद कातिल के चेहरे पर शिकन तक नहीं था। उसने कहा कि जो जैसा करेगा वैसा भरेगा। दोनों भाईयों का चेहरा देखकर कोई इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकता कि इतने कम उम्र में दोनों इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते है। मासूम चेहरे के पीछे शातिर पना साफ झलक रहा था।
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रविवार की रात सदर कोतवाली थानाक्षेत्र के फुलवरिया करन गांव में गेहूं काटने का लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। गांव के रहने वाले कुछ लोगों ने शिक्षक अनिल कुमार तिवारी और भाई चंद्रमोहन को तलवार घोप कर मार डाला था। डबल मर्डर के बाद मृतक के चाचा शुभनरायन तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने डबल मर्डर में दयाशंकर, छोटू, चंद्रमा प्रसाद और बालेश्वर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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चंद्रमा और बालेश्वर को पुलिस वारदात की रात को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि हत्या में मुख्य आरोपी छोटू और दयाशंकर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की टीम ने मझवलिया गांव में दबिश देकर छोटू और दयाशंकर को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया।
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पुलिस की पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी छोटू ने बताया कि रविवार की रात अनिल, चंद्रमोहन खेत में गेहूं कटवा रहे थे। मेरा भाई दयाशंकर, मां और बहन भी खेत में गए थे। अनिल तिवारी के खेत के बगल में मेरा खेत था। भाई उसी को कटवाना चाहता था। खेत में भाई दयाशंकर को अकेला पाकर दोनों भाइयों ने पीट दिया और मां, बहन की गाली देने लगे। मै घर पर था। विवाद की सूचना मेरी बहन ने मुझे घर पर आकर दी। घर में रखा तलवार लेकर मै मौके पर पहुंचा और सीधे चंद्रमोहन की पीठ में घोंप दिया। वह तड़पकर नीचे गिर गया।
दूसरा वार अनिल तिवारी के गले के अंदर कर दिया। विवाद के दौरान भाई दयाशंकर के अलावा मां और बहन भी मौजूद थी। दोनों सड़क पर तड़प रहे थे अंदाजा नहीं था कि दोनों मर जाएंगे। इसीलिए उनकी मां को हमले की जानकारी दे दिया था। ताकि जाकर लोग इलाज करा सके। आरोपी छोटू से जिस सहजता के साथ डबल मर्डर की कहानी पुलिस को बताई उनके होश उड़ गए। हत्या करने के बाद कातिल के चेहरे पर शिकन तक नहीं था। उसने कहा कि जो जैसा करेगा वैसा भरेगा। दोनों भाईयों का चेहरा देखकर कोई इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकता कि इतने कम उम्र में दोनों इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते है। मासूम चेहरे के पीछे शातिर पना साफ झलक रहा था।