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हादसे में चचेरे भाइयों की मौत, जाम
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फाइल फोटो प्रदीप पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
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लार (देवरिया)। रोडवेज की अनुबंधित बस की चपेट में आने से सेना के जवान समेत दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। घटना बुधवार की सुबह लार-सलेमपुर मार्ग पर सहजौर चौराहे के पास हुई। घटना से गुस्साए गांववालों ने लार-सलेमपुर मार्ग को जाम कर किया। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे लोगों को करीब तीन घंटे बाद एसडीएम-सीओ ने आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने बस चालक और खलासी को हिरासत में ले लिया है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के मलकौली गांव निवासी प्रदीप कुमार पांडेय आर्मी में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग मध्यप्रदेश के सागर में थी। करीब एक सप्ताह पूर्व वह गांव आए थे। मंगलवार को उनके दादी का निधन हो गया। बुधवार की सुबह वह घर में बचे दादी के कपड़ों को चनुकी घाट (गंडक नदी) में प्रवाहित करने चचेरे भाई अखिलेश के साथ बाइक से जा रहे थे। सहजौर चौराहे पर पहुंचकर दोनों ने पान खाया। इसके बाद जैसे ही घाट के लिए निकले, तभी लार से सवारी भरकर देवरिया जा रही तेज रफ्तार अनुबंधित बस ने बाइक को चपेट में ले लिया। घटनास्थल पर ही प्रदीप की मौत हो गई। गंभीर रुप से घायल अखिलेश को लोगों ने सीएचसी लार पहुंचाया, जहां से रेफर कर दिया गया। परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद भाग रहे बस चालक और कंडक्टर को लोगों ने पकड़ लिया। दो मौतों की सूचना मिलते ही लोग उग्र हो गए। चौराहे पर ही लार-सलेमपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की तो लोग भड़क गए। पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। गुस्सा देख पुलिसकर्मी बैकफुट पर आ गए। प्रदर्शनकारी घटना स्थल पर डीएम-एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंचे एसडीएम संजीव यादव, सीओ सीताराम के काफी समझाने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन देकर करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त कराया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा करा शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से प्रदीप पांडेय की पत्नी प्रेमलता पांडेय सदमे में हैं। वहीं पांच वर्षीय बेटा दीपू पापा के घर आने की बात कर रहा है। बेटी स्वाति का रो रोकर बुरा हाल है। अखिलेश पांडेय की पत्नी घटना के बाद से ही बदहवाश हैं।
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सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के मलकौली गांव निवासी प्रदीप कुमार पांडेय आर्मी में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग मध्यप्रदेश के सागर में थी। करीब एक सप्ताह पूर्व वह गांव आए थे। मंगलवार को उनके दादी का निधन हो गया। बुधवार की सुबह वह घर में बचे दादी के कपड़ों को चनुकी घाट (गंडक नदी) में प्रवाहित करने चचेरे भाई अखिलेश के साथ बाइक से जा रहे थे। सहजौर चौराहे पर पहुंचकर दोनों ने पान खाया। इसके बाद जैसे ही घाट के लिए निकले, तभी लार से सवारी भरकर देवरिया जा रही तेज रफ्तार अनुबंधित बस ने बाइक को चपेट में ले लिया। घटनास्थल पर ही प्रदीप की मौत हो गई। गंभीर रुप से घायल अखिलेश को लोगों ने सीएचसी लार पहुंचाया, जहां से रेफर कर दिया गया। परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद भाग रहे बस चालक और कंडक्टर को लोगों ने पकड़ लिया। दो मौतों की सूचना मिलते ही लोग उग्र हो गए। चौराहे पर ही लार-सलेमपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की तो लोग भड़क गए। पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। गुस्सा देख पुलिसकर्मी बैकफुट पर आ गए। प्रदर्शनकारी घटना स्थल पर डीएम-एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंचे एसडीएम संजीव यादव, सीओ सीताराम के काफी समझाने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन देकर करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त कराया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा करा शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से प्रदीप पांडेय की पत्नी प्रेमलता पांडेय सदमे में हैं। वहीं पांच वर्षीय बेटा दीपू पापा के घर आने की बात कर रहा है। बेटी स्वाति का रो रोकर बुरा हाल है। अखिलेश पांडेय की पत्नी घटना के बाद से ही बदहवाश हैं।
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